Sheohar News :- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता नवनीत कुमार झा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रस्तावित अभियान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसके तहत भाजपा 9 जून 2025 से एक महीने तक घरों में महिलाओं को सिंदूर वितरण करने जा रही है।
राजद नेता झा ने इस कदम को राजनीतिक दिखावा करार देते हुए कहा कि “सिंदूर आस्था का विषय है, दिखावे का नहीं।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय संस्कृति में सिंदूर पति-पत्नी के बीच समर्पण, विश्वास और वैवाहिक पवित्रता का प्रतीक है, न कि राजनीतिक प्रचार का साधन।
🔴 “सिंदूर से कोई हार देख रहा है, कोई जीत!”
नवनीत झा ने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा —
> “भाजपा यह तय करे कि यह सिंदूर अभियान पाकिस्तानी आतंकवादियों को सबक सिखाने की खुशी में चलाया जा रहा है या अपनी राजनीतिक उपलब्धियां गिनाने के लिए।”
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कोई इस सिंदूर में अपनी राजनीतिक हार देख रहा है तो कोई प्रचारात्मक जीत।
🕉️ “राजनीति में आस्था का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए”
राजद नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था के प्रतीकों का प्रयोग वोट बैंक के लिए नहीं करना चाहिए। सिंदूर जैसी पवित्र परंपरा को चुनावी हथियार बनाना, समाज में भ्रम और दिखावे की राजनीति को बढ़ावा देता है।
🗣️ सवाल आम जनता के लिए भी
नवनीत कुमार झा ने कहा कि भाजपा द्वारा हर घर में सिंदूर पहुंचाने की यह योजना आम जनता और प्रबुद्ध समाज के लिए सोचने का विषय है —
“क्या यह अभियान महिलाओं की वास्तविक सशक्तिकरण की दिशा में है या एक और राजनीतिक स्टंट?”
📌 निष्कर्ष
राजनीति और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों के मिलन पर सवाल उठाते हुए राजद नेता नवनीत कुमार झा ने यह स्पष्ट किया कि सिंदूर जैसे आस्था के प्रतीक को प्रचार का माध्यम बनाना भारतीय संस्कृति का अपमान है। उन्होंने समाज से अपील की कि आस्था के प्रतीकों का आदर करें, उन्हें वोट बैंक की राजनीति में न घसीटें।
Author: Suryodaya Samachar
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