SHEOHAR News :- राजद के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नवनीत कुमार झा ने शनिवार को अपने गृह पंचायत महुआवा स्थित ग्राम में एक बैठक कर 29 जून को पटना के गांधी मैदान में आयोजित होने वाली ‘वक्फ बचाओ, दस्तूर बचाओ’ रैली को लेकर अल्पसंख्यक समाज के लोगों से संवाद किया। इस बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
नवनीत झा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया वक्फ संशोधन कानून पूरी तरह संविधान विरोधी और जनविरोधी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कानून न सिर्फ मुस्लिम समाज, बल्कि पूरे भारत के धर्मनिरपेक्ष ढांचे पर हमला है।
“यह लड़ाई सिर्फ वक्फ की नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा की है” – नवनीत कुमार झा
उन्होंने कहा कि हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, पारसी, दलित, पिछड़े, आदिवासी – सभी को मिलकर इस काले कानून का विरोध करना चाहिए, क्योंकि इससे हर वर्ग की धार्मिक और सामाजिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी।
“सरकार वक्फ संपत्तियों को हड़पने की साजिश रच रही है। हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह कानून संविधान के मूल मूल्यों के खिलाफ है और अगर आज हम चुप रहे तो कल संविधान की अन्य धाराओं से भी छेड़छाड़ होगी,” – नवनीत झा ने कहा।
29 जून को पटना चलो – गांधी मैदान में दिखेगी जनशक्ति
उन्होंने लोगों से 29 जून को पटना के गांधी मैदान में होने वाली रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की और कहा कि शिवहर से हजारों की संख्या में लोग इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेंगे। यह प्रदर्शन इमारत-ए-शरिया बिहार, उड़ीसा व झारखंड के अमीर-ए-शरीयत मौलाना फैसल रहमानी की अगुवाई में होगा।
“सरकार को दिखाना होगा कि हम संविधान के प्रहरी हैं”
उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल किसी एक धर्म या समाज का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे भारत की विविधता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की रक्षा का सवाल है। यदि आज आवाज नहीं उठाई गई, तो कल हर धार्मिक संस्था, हर समुदाय की स्वतंत्रता संकट में पड़ सकती है।
स्थानीय नेताओं की मौजूदगी
इस मौके पर मुद्दसिर शकील, सागिल आलम उर्फ ताज समेत क्षेत्र के कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में वक्फ संशोधन कानून का विरोध करते हुए रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
Author: Suryodaya Samachar
खबर से पहले आप तक







