Railway Ticket Rules : दिवाली और छठ पर ट्रेन से घर जाने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर। अगर आप अपने टिकट में दिए गए बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ते हैं तो आपकी कन्फर्म बर्थ आगे के यात्री को आवंटित हो सकती है। जानें बोर्डिंग स्टेशन बदलने और टिकट कैंसिलेशन के नए नियम।
दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग महीनों पहले ट्रेन की कन्फर्म टिकट बुक कर लेते हैं। ऐसे में टिकट मिलने के बाद भी एक गलती आपकी सीट किसी दूसरे यात्री को दिला सकती है। खासकर अगर आपने टिकट में दर्ज बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ी और पहले से बोर्डिंग पॉइंट में बदलाव नहीं किया है, तो सावधान रहना जरूरी है।
हालांकि इसे सीधे-सीधे “टिकट कैंसिल होना” कहना सही नहीं है। ऐसी स्थिति में रेलवे आपकी खाली बर्थ को आगे के स्टेशन से यात्रा करने वाले RAC/वेटिंग यात्रियों को आवंटित कर सकता है।
Railway Ticket Rules : बोर्डिंग स्टेशन से नहीं चढ़े तो क्या होगा?
मान लीजिए आपने दिल्ली से पटना तक कन्फर्म टिकट बुक की है, लेकिन आप दिल्ली से ट्रेन में नहीं चढ़े और अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की योजना बनाई। अगर आपने रेलवे सिस्टम में अपना boarding point पहले से नहीं बदला, तो TTE आपकी सीट को खाली मानकर आगे के यात्रियों को आवंटित कर सकता है।
इसलिए सिर्फ कन्फर्म टिकट हाथ में होना पर्याप्त नहीं है। अगर आप मूल बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ने वाले हैं, तो बोर्डिंग स्टेशन बदलना जरूरी है।
Railway Ticket Rules : अब 30 मिनट पहले तक बदल सकते हैं बोर्डिंग स्टेशन
2026 में रेलवे ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा में बदलाव किया है। यात्री अब ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। यह सुविधा यात्रियों को खास तौर पर त्योहारों के दौरान राहत दे सकती है।

Railway Ticket Rules : बोर्डिंग स्टेशन बदलने का तरीका
- IRCTC वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करें।
- My Bookings में जाएं।
- संबंधित ट्रेन टिकट चुनें।
- Change Boarding Point विकल्प चुनें।
- नया बोर्डिंग स्टेशन चुनकर बदलाव को कन्फर्म करें।
रेलवे के नियमों के मुताबिक बोर्डिंग पॉइंट बदलने के बाद मूल स्टेशन से चढ़ने का अधिकार प्रभावित हो सकता है, इसलिए बदलाव सोच-समझकर करें।
Railway Ticket Rules : टिकट कैंसिलेशन का नया नियम भी जान लें
2026 में कन्फर्म टिकट के कैंसिलेशन और रिफंड नियमों में भी बदलाव किया गया है। नए नियमों के तहत ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 72 घंटे से ज्यादा पहले टिकट कैंसिल करने पर निर्धारित फ्लैट चार्ज काटकर रिफंड दिया जाता है।
72 से 24 घंटे पहले कैंसिल करने पर करीब 25 प्रतिशत किराया कट सकता है, जबकि 24 से 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर करीब 50 प्रतिशत किराए की कटौती हो सकती है। 8 घंटे से कम समय बचने पर कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर सामान्यतः रिफंड नहीं मिलता।
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Railway Ticket Rules : दिवाली-छठ में क्यों बढ़ी चिंता?
दिवाली और छठ के दौरान दिल्ली, मुंबई, पुणे, गुजरात और दूसरे बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की ओर जाने वाली ट्रेनों में भारी मांग रहती है। सितंबर 2026 में कई प्रमुख रूटों पर टिकट बुकिंग शुरू होने के कुछ ही समय में सीटें खत्म होने और ‘Regret’ स्टेटस दिखने की रिपोर्ट सामने आई है।
ऐसे में अगर किसी यात्री को कन्फर्म सीट मिल गई है तो उसे टिकट की PNR डिटेल, ट्रेन का समय और बोर्डिंग स्टेशन जरूर दोबारा जांच लेना चाहिए।
Railway Ticket Rules : सफर से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- टिकट पर दर्ज बोर्डिंग स्टेशन जरूर चेक करें।
- किसी दूसरे स्टेशन से चढ़ना है तो समय रहते boarding point बदलें।
- PNR का स्टेटस यात्रा से पहले जांच लें।
- यात्रा का प्लान बदलने पर कैंसिलेशन में देरी न करें।
- दिवाली-छठ के दौरान आखिरी समय पर सीट मिलने की उम्मीद में न रहें।
- टिकट बुकिंग और बदलाव के लिए आधिकारिक IRCTC माध्यमों का इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष: दिवाली और छठ पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर आप टिकट में दिए गए मूल बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ने वाले हैं, तो पहले से बोर्डिंग पॉइंट बदलना जरूरी है, वरना आपकी सीट आगे के स्टेशन के यात्री को आवंटित की जा सकती है।
Author: Suryodaya Samachar
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