Osman hadi :- बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठन इंकलाब मंच के प्रमुख नेता उस्मान हादी की मौत के बाद देश एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस रहा है। वह अवामी लीग और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का कट्टर विरोधी माना जाता था। उसकी हत्या के बाद ढाका समेत कई इलाकों में उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। हालात को देखते हुए यूनुस सरकार ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है।
🔥 उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा
शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के धुर विरोधी उस्मान हादी की मौत की खबर सामने आते ही बांग्लादेश में हालात बिगड़ गए। राजधानी ढाका सहित कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। इस दौरान अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया। भीड़ ने एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी और बाद में उसके शव को पेड़ से लटका कर आग लगा दी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है।
🧑💼 कौन था उस्मान हादी?
शरीफ उस्मान हादी जुलाई 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन का बड़ा चेहरा था। वह 32 वर्ष का था और इंकलाब मंच का प्रवक्ता भी रहा।
12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान उस पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चला दी थी। गंभीर हालत में उसे सिंगापुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई।
हादी फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों में ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में था।

⚠️ क्या है इंकलाब मंच?
इंकलाब मंच को बांग्लादेश का एक कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन माना जाता है। इस संगठन का मकसद देश की राजनीति से अवामी लीग को पूरी तरह खत्म करना बताया जाता है।
उस्मान हादी खुद को भारत का घोर विरोधी बताता था और खुले मंच से कहता था कि बांग्लादेश में भारत समर्थक राजनीति को खत्म किया जाएगा।
उसने ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ नाम से एक विवादित नक्शा भी जारी किया था, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था।
🕯️ एक दिन का राष्ट्रीय शोक
उस्मान हादी की मौत पर बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने 20 दिसंबर को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
यूनुस ने बयान जारी कर कहा कि हादी के हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इशारों में अवामी लीग और शेख हसीना पर भी निशाना साधा।
Author: Suryodaya Samachar
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