Home » मध्य प्रदेश » Morena Crocodile Rescue: चंबल से 4 किलोमीटर चलकर घर के आंगन में पहुंचा 11 फीट का मगरमच्छ, जाल तोड़कर भागने की कोशिश

Morena Crocodile Rescue: चंबल से 4 किलोमीटर चलकर घर के आंगन में पहुंचा 11 फीट का मगरमच्छ, जाल तोड़कर भागने की कोशिश

Morena Crocodile Rescue : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के खुलावली गांव में चंबल नदी से करीब चार किलोमीटर दूर एक घर के आंगन में 11 फीट लंबा मगरमच्छ पहुंच गया। जाल और रस्सियों से कई बार निकलने की कोशिश करने वाले मगरमच्छ को वन विभाग ने साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद पकड़कर चंबल नदी में छोड़ दिया।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के एक गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 11 फीट लंबा मगरमच्छ एक घर के आंगन में पहुंच गया। चंबल नदी से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित खुलावली गांव में मगरमच्छ को देखकर परिवार के लोग घबरा गए। वन विभाग की रेस्क्यू टीम को उसे काबू में करने के लिए कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर वापस चंबल नदी में छोड़ दिया गया।

Morena Crocodile Rescue :रात करीब 11 बजे आंगन में पहुंचा मगरमच्छ

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 11 बजे खुलावली गांव में यह घटना हुई। घर के आंगन में बंधे मवेशियों की हलचल सुनकर परिवार के लोग जाग गए। जब उन्होंने बाहर जाकर देखा तो वहां विशालकाय मगरमच्छ मौजूद था।

मगरमच्छ को इतने करीब देखकर परिवार के लोगों में दहशत फैल गई। खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुटने लगे। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।

Morena Crocodile Rescue :  जाल और रस्सियों से पकड़ने में आई परेशानी

मगरमच्छ का आकार बड़ा होने और उसके लगातार छटपटाने के कारण रेस्क्यू करना आसान नहीं था। टीम ने रस्सियों और जाल की मदद से उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह कई बार जाल से निकलने में सफल रहा। उसकी ताकत और फुर्ती के कारण बचाव अभियान लंबा खिंच गया।

Neha Bora Peace Bond: क्या है BNSS की धारा 126? दिल्ली पुलिस के नोटिस को AISA नेता ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

रेस्क्यू टीम ने सावधानी के साथ अभियान जारी रखा और करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को काबू में कर लिया।

Morena Crocodile Rescue :  सुबह करीब चार बजे चंबल नदी में छोड़ा गया

रिपोर्ट के अनुसार, रेस्क्यू टीम ने मगरमच्छ को पकड़ने के बाद सुबह करीब चार बजे राजघाट के पास चंबल नदी में सुरक्षित छोड़ दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

इस पूरे अभियान के दौरान ग्रामीणों की निगाहें रेस्क्यू टीम पर टिकी रहीं। किसी के घायल होने की खबर सामने नहीं आई है।

Morena Crocodile Rescue : आखिर गांव तक कैसे पहुंचा मगरमच्छ?

खुलावली गांव चंबल नदी से लगभग चार किलोमीटर दूर है। घड़ियाल अभयारण्य के केयरटेकर ज्योति डंडौतिया के अनुसार, संभावना है कि मगरमच्छ नदी से निकलकर किसी छोटे जलाशय में पहुंचा हो। वहां भोजन नहीं मिलने के कारण वह आगे बढ़ते हुए रिहायशी क्षेत्र तक आ गया हो।

हालांकि, मगरमच्छ ने किस रास्ते से गांव में प्रवेश किया, इसकी निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है।

Morena Crocodile Rescue

Morena Crocodile Rescue : मगरमच्छ दिखे तो क्या करें?

चंबल नदी के आसपास के क्षेत्रों में मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि किसी घर, खेत या सड़क के पास मगरमच्छ दिखाई दे तो उसके नजदीक जाने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें।

  • लोगों और बच्चों को उससे दूर रखें।
  • मगरमच्छ को घेरने या छेड़ने से बचें।
  • तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
  • सुरक्षित दूरी बनाए रखें और रेस्क्यू टीम के निर्देशों का पालन करें।

खुलावली गांव की यह घटना बताती है कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता और समय पर रेस्क्यू व्यवस्था कितनी जरूरी है।

 

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

खबर से पहले आप तक

Leave a Comment

Live Cricket

ट्रेंडिंग