Monsoon Session :- संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच लोकसभा ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। सदन में शोर-शराबे के कारण इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी और इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।
क्या हैं नए बदलाव?
संशोधित विधेयक के तहत जन्म और मृत्यु के देर से पंजीकरण की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सख्त बनाया गया है। निर्धारित समय सीमा के बाद पंजीकरण कराने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज, सत्यापन और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि इससे रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेंगे।
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सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य जन्म और मृत्यु से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाना, फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाना और डिजिटल प्रशासन को मजबूत करना है। इससे सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता आएगी।
विपक्ष ने जताई आपत्ति
विपक्षी दलों ने विधेयक को बिना विस्तृत चर्चा के पारित किए जाने पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे महत्वपूर्ण कानून पर सभी पक्षों की राय सुनी जानी चाहिए थी। हालांकि, सरकार ने संशोधन को जनहित में आवश्यक बताते हुए इसका बचाव किया।
आगे क्या होगा?
लोकसभा से पारित होने के बाद विधेयक को राज्यसभा की मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलना बाकी है। इसके बाद नए नियम अधिसूचित होने पर पूरे देश में लागू किए जाएंगे।
Author: Suryodaya Samachar
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