Mirzapur News :- गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के चलते मंगलवार शाम मीरजापुर जिले के रैपुरिया घाट से पाण्टून पुल के 131 में से 131 पीपे बह गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इनमें से 128 पीपे सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं, और शेष 03 पीपों की खोजबीन जारी है। इस पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की जनहानि या भौतिक क्षति की सूचना नहीं है।
लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-2) के अधिशासी अभियंता ने इस विषय में जानकारी देते हुए बताया कि रैपुरिया घाट पर गंगा नदी पर स्थित पाण्टून पुल के सभी पीपे गंगा के बढ़ते जलस्तर और 05 अगस्त की शाम आई तेज आंधी के चलते रस्सियों और एंकरों से छूटकर बह गए। हालांकि समय रहते विभाग ने निगरानी और राहत कार्य आरंभ कर दिया।
बरामद पीपों को नरायनपुर, बलुआ घाट, सैदपुर और वाराणसी के निकटवर्ती क्षेत्रों से सुरक्षित किनारे पर लाकर बांध दिया गया है। इनकी वापसी और पुनःस्थापना की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस घटना में न तो किसी जान-माल की हानि हुई है और न ही कोई यातायात बाधित हुआ है।
प्रशासन ने घटनास्थल और संबंधित घाटों पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
🔍 स्थिति पर नज़र:
पीडब्ल्यूडी और प्रशासन की टीम लगातार गंगा किनारे निगरानी कर रही है।
जलस्तर में कमी आने तक अस्थायी पुल को पुनःस्थापित नहीं किया जाएगा।
बचे हुए 03 पीपों की खोज हेतु विशेष टीमें लगाई गई हैं।
📝 जनता से अपील:
प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को तत्काल सूचित करने को कहा गया है।
✅ यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि प्रकृति के सामने हमारी तैयारी कितनी महत्वपूर्ण है। विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ी क्षति से बचा जा सका है।
Author: Suryodaya Samachar
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