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Mirzapur news:- अहरौरा बांध गेट के निर्माण कार्य में गड़बड़ी, भारतीय किसान यूनियन की सख्त आपत्ति

Mirzapur news :- [रिपोर्टर तारा त्रिपाठी] 06 मई 2025 को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह और प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह ने किसानों और अन्य लोगों के साथ अहरौरा बांध गड़ई प्रणाली के मेन गेट के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, उन्हें यह महसूस हुआ कि कार्य की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है। बांध के सुलिश से पानी का रिसाव लगातार हो रहा था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य में कोई न कोई खामी है। इस पर भारतीय किसान यूनियन ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और तुरंत सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने की मांग की।

ज्ञात हो कि बांध की गेट प्रणाली की मरम्मत के लिए पहले भारतीय किसान यूनियन ने लगातार दबाव बनाया था। इसके बाद शासन ने 48 लाख रुपए की स्वीकृति दी थी ताकि गेट का नव निर्माण किया जा सके। इसके लिए विभाग ने एक कंपनी को ठेका दिया था। लेकिन मौके पर जो देखने को मिला, वह बहुत ही चौंकाने वाला था। कंपनी द्वारा पुराने लोहे को घिसकर, पेंट लगाकर और उसे चमका कर काम किया जा रहा था। यह तकनीकी रूप से बेहद गलत था, क्योंकि पुराने लोहे की मरम्मत से न तो बांध की मजबूती बढ़ सकती है और न ही यह कामकाजी सुरक्षा की दृष्टि से सही है।

सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि, “यह केवल किसानों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की जलप्रबंधन प्रणाली की गुणवत्ता से जुड़ा मुद्दा है। यदि बांध के गेट की मरम्मत और निर्माण में लापरवाही बरती जाएगी तो भविष्य में किसी भी बड़े जलप्रवाह या भारी वर्षा के दौरान बांध में रिसाव हो सकता है, जो गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है।”

उन्होंने यह भी बताया कि, “70 साल पहले जब इस बांध का निर्माण हुआ था, तब जो गेट लगाया गया था वह अब पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। पुराने लोहे को फिर से चमकाने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। सरकार और संबंधित विभाग को तत्काल नए गेट का निर्माण करना चाहिए, ताकि इस बांध की कार्यक्षमता बरकरार रहे।”

इसके बाद भारतीय किसान यूनियन ने सरकार से मांग की कि इस काम की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और इसके लिए जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। संगठन ने स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि यदि जल्द ही सही काम नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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इस मौके पर स्वामी दयाल सिंह (जिला कोषाध्यक्ष), सुजीत सिंह, रामबृक्ष, संत लाल और अन्य किसान उपस्थित थे। सभी ने मिलकर यह निर्णय लिया कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे, ताकि किसानों और क्षेत्रीय जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

अहरौरा बांध के गेट निर्माण कार्य में गुणवत्ता की गंभीर कमी को लेकर भारतीय किसान यूनियन का विरोध उचित है। यदि इस समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो यह न केवल किसानों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र की जल प्रबंधन प्रणाली के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। अब देखना यह होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

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Author: Suryodaya Samachar

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