Mirzapur Chunar railway station accident today :- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में आज सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया जब कार्तिक स्नान के लिए गंगा घाट जा रहे श्रद्धालु ट्रेन की चपेट में आ गए। यह हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही सात से आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालु अलसुबह घाट की ओर जा रहे थे और उसी दौरान कालका एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। अचानक ट्रेन के आने की भनक श्रद्धालुओं को नहीं लगी और कुछ ही सेकंड में यह हादसा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह लगभग पांच बजे श्रद्धालु रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे ताकि गंगा नदी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान कर सकें। इस दौरान अचानक ट्रेन की तेज आवाज सुनाई दी लेकिन अधिकांश लोग ट्रैक पर ही थे। किसी के पास हटने का समय नहीं था और देखते ही देखते ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई। चारों ओर अफरा तफरी मच गई और लोगों की चीख पुकार से माहौल गूंज उठा। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और घायलों को ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
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सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया। एंबुलेंस और चिकित्सा दलों को तुरंत मौके पर बुलाया गया ताकि घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया जा सके। मृतकों की पहचान की जा रही है और सभी श्रद्धालु आसपास के गांवों से गंगा स्नान के लिए आए थे।
इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। गंगा घाटों पर जहां सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक गीतों की गूंज रहती थी वहां आज सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल है और कई घरों में मातम का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जगह पर अक्सर श्रद्धालु ट्रैक पार करते हैं क्योंकि घाट जाने के लिए यही रास्ता सबसे नजदीक है। यहां कई बार पहले भी हादसे हो चुके हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। रेलवे प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं क्योंकि ट्रैक के पास चेतावनी संकेत होने के बावजूद वहां कोई गार्ड या फाटक नहीं था जिससे श्रद्धालु सुरक्षित रूप से पार कर सकें।
मिर्जापुर के जिलाधिकारी ने बताया कि राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घायलों का इलाज जारी है और गंभीर रूप से घायल लोगों को वाराणसी रेफर किया गया है।
कार्तिक पूर्णिमा का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा में स्नान करने आते हैं लेकिन इस बार यह पवित्र अवसर एक दर्दनाक हादसे में बदल गया जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। अब लोगों की मांग है कि प्रशासन भविष्य में ऐसे हादसे न हों इसके लिए घाट जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा की उचित व्यवस्था करे ताकि श्रद्धालुओं की आस्था किसी हादसे का कारण न बने।
Author: Suryodaya Samachar
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