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Make in india :- स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान’ से हर कोने में गूंजेगा मेक इंडिया ग्रेट अगेन का संदेश

Make in india :- स्वदेशी जागरण मंच ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हालिया स्वदेशी आह्वान का गर्मजोशी से स्वागत किया है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद और बिक्री ही राष्ट्र की सच्ची सेवा है। 1991 से सक्रिय स्वदेशी जागरण मंच लगातार जन-जन में स्वदेशी अपनाने की जागरूकता फैलाता रहा है और मानता है कि भारत की समृद्धि का मार्ग स्वदेशी और आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है।

वैश्विक परिदृश्य में स्वदेशी की अहमियत

मंच ने कहा कि मौजूदा समय में जब वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं, भुगतान प्रणालियों और मुद्राओं को हथियार बनाया जा रहा है, अमेरिका सहित कई देश संरक्षणवादी नीतियां अपना रहे हैं और कुछ देश (विशेषकर चीन) सस्ते सामान डंप कर भारतीय विनिर्माण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, तब स्वदेशी ही राष्ट्रीय हितों की रक्षा का प्रभावी साधन बन सकता है।

विदेशी वस्तुओं और सेवाओं पर संयम की अपील

प्रधानमंत्री द्वारा विदेशी विवाहों से परहेज़ का उदाहरण देने के साथ, मंच ने मूल्यवान विदेशी मुद्रा बचाने के लिए और उपाय सुझाए हैं—

 

विदेशी वस्तुओं का न्यूनतम उपयोग

चीन, तुर्की और अन्य विरोधी देशों के सामान-सेवाओं का बहिष्कार

विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के मोह को त्यागना

स्थानीय उत्पादों का उपयोग और कारीगरों को प्रोत्साहन

अभियान से जुड़ा लक्ष्य

12 जून 2025 से स्वदेशी जागरण मंच ने व्यापारिक संगठनों, विनिर्माण कंपनियों और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर ‘स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान’ शुरू किया है। इसका उद्देश्य— मेक इंडिया ग्रेट अगेन (MIGA)— भारत को पुनः महान बनाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान सफलता के उदाहरण

मंच ने याद दिलाया कि स्वतंत्रता संग्राम का स्वदेशी आंदोलन सिर्फ ब्रिटिश शासन से राजनीतिक स्वतंत्रता का संघर्ष नहीं था, बल्कि आर्थिक सम्मान, सांस्कृतिक पहचान और सभ्यतागत संप्रभुता का दावा भी था।
आज आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष और कोविड वैक्सीन निर्माण में भारत की सफलता स्वदेशी की ताकत को दर्शाती है।

 

चीन और डिजिटल एकाधिकार से सावधानी

चीन के साथ बढ़ते 99.2 अरब डॉलर के व्यापार घाटे, घटिया आयातित उत्पादों और उनके एमएसएमई पर नकारात्मक असर पर मंच ने चिंता जताई। साथ ही, अमेज़न और वॉलमार्ट (फ्लिपकार्ट) जैसे विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को “21वीं सदी की ईस्ट इंडिया कंपनी” बताते हुए मंच ने इनके एकाधिकारवादी रवैये और पारंपरिक व्यापार पर प्रभाव का विरोध किया।

नीतिगत और जनस्तर पर बदलाव की जरूरत

मंच का मानना है कि—

प्रत्येक भारतीय रुपया भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करे

उपभोक्ता को जागरूक नागरिक बनना होगा

चीनी उत्पादों के आयात पर अंकुश लगे

विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों पर सख्त विनियमन हो

शिकारी मूल्य निर्धारण और अपने लेबल वाले उत्पादों की बिक्री पर रोक लगे

जनभागीदारी का आह्वान

स्वदेशी जागरण मंच ने देशवासियों से अपील की कि वे ‘स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान’ से जुड़ें और भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानित राष्ट्र बनाने में योगदान दें।

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Author: Suryodaya Samachar

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