Varanasi News :- 11 जुलाई 2025 को महिला थाना कमिश्नरेट वाराणसी परिसर में पूजा यादव द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। मृतका के परिजनों ने महिला थाना प्रभारी सुमित्रा देवी पर गंभीर आरोप लगाते हुए किसी आईपीएस अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना का सिलसिला
प्रार्थिनी जीरा देवी, निवासी ग्राम भगवानपुर थाना चौबेपुर, वाराणसी ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर आरोप लगाया कि उनके पुत्र रोशन यादव (16 वर्ष) और पति लाल बहादुर यादव को महिला थाना प्रभारी ने झूठे मामले में फंसा कर जेल भेजा है।
जीरा देवी के अनुसार, अंजना यादव नामक महिला ने उनके पुत्र पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में महिला थाना प्रभारी ने तीन दिन तक उनके पुत्र को थाने बुलाकर पैसे की मांग की और मुकदमा लिखवाने का दबाव बनाया।
पूजा यादव पर मानसिक दबाव
आरोप है कि 11 जुलाई को महिला थाना प्रभारी ने मृतका पूजा यादव को भी थाने बुलाया और उसके पति रामदयाल यादव (जो नासिक में नौकरी करते हैं) को फोन कर पूजा का चरित्र हनन किया।
इस घटना से व्यथित होकर पूजा यादव ने थाने के बाहर से जहर खरीदा और महिला थाना परिसर में आकर सेवन कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जीरा देवी का आरोप है कि पूजा से ससुराल पक्ष में शिकायत न करने के बदले ₹10,000 की मांग की गई, वहीं रोशन के पिता से मुकदमा न लिखने के बदले ₹50,000 की मांग की गई।
अंजना यादव पर भी संदेह
प्रार्थिनी ने बताया कि शिकायतकर्ता अंजना यादव पूर्व में दो शादियां कर चुकी है और पहले भी महिला थाना में अवैध वसूली से जुड़े मामलों में शामिल रही है।
मुकदमा दर्ज और हिरासत
मृतका के पति की अनुपस्थिति में महिला थाना प्रभारी ने उसके पिता ओमकार यादव से जबरन तहरीर लिखवा कर रोशन यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। फिलहाल रोशन यादव बाल सुधार गृह रामनगर में निरुद्ध है।
भ्रष्टाचार और साजिश का आरोप
जीरा देवी का आरोप है कि थाना प्रभारी ने 14 जुलाई को उन्हें बुलाकर ₹50,000 देने पर केस कमजोर कर जमानत दिलाने की बात कही। साथ ही उनके पति की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लौटाने से भी इनकार कर दिया।
निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़िता का कहना है कि सुमित्रा देवी ने प्रत्यक्ष रूप से पूजा यादव को आत्महत्या के लिए प्रेरित किया और उनके पति व पुत्र को फंसाकर जेल भेजा। उन्होंने थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की है।
पुलिस आयुक्त वाराणसी मोहित अग्रवाल ने प्रार्थिनी की गुहार सुनते हुए किसी आईपीएस अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।
Author: Suryodaya Samachar
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