Maharashtra -Jharkhand Election 2024 : भारत निर्वाचन आयोग ने आज महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा 2024 के चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव की तारीखों का ऐलान किया, जिसमें सभी आवश्यक विवरण साझा किए गए।निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र में चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां की जा चुकी हैं। वहीं, झारखंड में भी चुनाव को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस बार के विधानसभा चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कई नई पहलों की घोषणा की है। चुनावी कार्यक्रम में मतदाता जागरूकता, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की सुरक्षा, और चुनावी प्रक्रिया के दौरान होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी शामिल है।
आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को सलाह दी है कि वे चुनावी प्रक्रिया का पालन करें और अपने प्रचार अभियानों में किसी भी तरह के अनुशासनहीनता से बचें। चुनावों की तारीखों की घोषणा से पहले राजनीतिक दलों के बीच हलचल बढ़ गई है, और सभी पार्टियां चुनावी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं।इन चुनावों को लेकर मतदाता उत्साहित हैं, और आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का सही उपयोग करें और लोकतंत्र की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें।
Maharashtra -Jharkhand Election 2024 : 20 नवंबर को वोटिंग, 23 को होगी मतगणना
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान हो चुका है। दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इसकी घोषणा की। महाराष्ट्र में 20 नवंबर 2024 को एक ही चरण में चुनाव संपन्न होंगे, जबकि 23 नवंबर को चुनावी नतीजे घोषित किए जाएंगे।
चुनाव आयोग ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इस चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। चुनाव के दौरान मतदाता जागरूकता अभियान और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
Maharashtra -Jharkhand Election 2024 : वर्ष 2019 में बीजेपी बनी थी सबसे बड़ी पार्टी
वर्ष 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। विधानसभा की कुल 288 सीटों में से सरकार बनाने के लिए 145 सीटों की आवश्यकता होती है। उस चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें जीती थीं, जबकि एकीकृत शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी। दोनों दलों ने मिलकर बहुमत हासिल कर लिया था, और चुनाव से पहले उनके बीच गठबंधन भी था।
हालांकि, चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद उभर आए। भाजपा ने मुख्यमंत्री पद पर अपनी दावेदारी जताई, लेकिन शिवसेना ने इसे स्वीकार नहीं किया और गठबंधन से अलग हो गई। इसके बाद शिवसेना ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस के साथ मिलकर महाराष्ट्र में नई सरकार बनाई, जिसे महाविकास आघाड़ी (MVA) के नाम से जाना जाता है। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया था, और राज्य में नई गठबंधन सरकार का गठन हुआ।
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Author: Suryodaya Samachar
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