Lucknow Chalo:- लखीमपुर से लखनऊ तक की पदयात्रा पर निकले पत्रकारों का दल रवाना होने से पहले ही पुलिस प्रशासन द्वारा रोक दिया गया। यह दल लगभग दस पत्रकारों का समूह था, जो भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी आवाज़ पहुँचाना चाहता था।
✦ पत्रकारों की प्रमुख मांगें
पत्रकारों ने बताया कि वे लंबे समय से जिला अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं में फैले भ्रष्टाचार, अफसरशाही और अवैध गतिविधियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें थीं:
सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्जे की उच्च स्तरीय जांच।
जिला अस्पताल में पिछले 10 वर्षों से जमे हुए डॉक्टरों द्वारा निजी नर्सिंग होम चलाने की जांच।
गैर पंजीकृत अस्पतालों में हो रहे अवैध ऑपरेशन पर कार्रवाई।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर रोक।
ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में धुत डॉक्टरों और जूनियर सहयोगियों से गाली-गलौज करने वाले डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई।
महिला सहकर्मियों के साथ अस्पताल परिसर में अशोभनीय व्यवहार की जांच।
जिले में धड़ल्ले से चल रहे फर्जी नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर और झोलाछाप डॉक्टरों पर रोक।
✦ पदयात्रा का उद्देश्य
पत्रकारों का कहना है कि इन गंभीर मामलों पर प्रदेश स्तरीय जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व डॉक्टरों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इसी उद्देश्य से वे आज दिनांक 1 सितंबर 2025 को प्रातः 10:30 बजे लखीमपुर कलेक्ट्रेट परिसर से लखनऊ के लिए रवाना हुए।
✦ पुलिस प्रशासन ने रोका
हालांकि, जैसे ही पत्रकारों का दल रवाना हुआ, पुलिस प्रशासन की टीम ने उन्हें लखीमपुर से बाहर निकलने से पहले ही रोक दिया। इस घटना से पत्रकारों में नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
पत्रकारों का कहना है कि वे अपनी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन का भी सहारा लिया जाएगा।
📌 लखीमपुर खीरी से अनुज गुप्ता की खास रिपोर्ट
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Author: Suryodaya Samachar
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