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Kolkata Rape Case : नए वीडियो के बाद विपक्ष ने कहा सबूत मिटा दिए गए; घटनास्थल अपराध स्थल नहीं…

Kolkatar Rape Case : पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों के नेताओं ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले में सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया है, क्योंकि 9 अगस्त की सुबह पीड़िता का शव मिलने के तुरंत बाद कई लोगों के अपराध स्थल पर जमा होने का कथित वीडियो सामने आया है।

वीडियो में आरजी कर के तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष, उनके वकील शांतनु डे, घोष के निजी सहायक, पुलिस और अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारी उस सेमिनार हॉल में दिखाई दे रहे हैं, जहां अपराध हुआ था।

वीडियो में दिखे इन लोगो चेहरे

वीडियो में स्वास्थ्य भर्ती बोर्ड में तैनात फोरेंसिक मेडिसिन के प्रदर्शक देबाशीष सोम, राष्ट्रीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डाटा एंट्री अधिकारी प्रसून चट्टोपाध्याय भी नजर आ रहे हैं। भाजपा के राज्य महासचिव जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा, “वीडियो में साफ तौर पर अपराध की जगह पर बहुत सारे लोग घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने उन्हें सेमिनार हॉल के अंदर क्यों जाने दिया, जहां बलात्कार और हत्या की घटना हुई थी? यह स्पष्ट है कि सबूत नष्ट कर दिए गए।”

उनके विचारों से सहमति जताते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “वीडियो में हम देख सकते हैं कि अपराध स्थल को मेले में तब्दील कर दिया गया है। हर कोई पुलिस की मौजूदगी में घूम रहा है। क्या किसी ने ऐसा अपराध स्थल देखा है?”

सीपीआई(एम) केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने कहा, “पुलिस जांच से अदालत संतुष्ट नहीं थी। हमने पहले भी कहा था कि प्रशासन और पुलिस ने सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी। वीडियो में तत्कालीन प्रिंसिपल और उनके साथी, जूनियर डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सेमिनार हॉल के अंदर दिखाई दे रहे हैं। वे वहां क्या कर रहे थे? इससे साफ पता चलता है कि सबूतों से समझौता किया गया है। वीडियो में जो लोग हैं, उनकी पहचान कर उनसे पूछताछ की जानी चाहिए। तभी सच्चाई सामने आएगी।”

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संदीप घोष ने दावों को किया खारिज

इन दावों को खारिज करते हुए कोलकाता की पुलिस उपायुक्त (मध्य) इंदिरा मुखर्जी ने कहा, “लोग सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर रहे हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग सेमिनार हॉल के अंदर खड़े होकर सबूतों से छेड़छाड़ कर रहे हैं। उनका दावा है कि अपराध की जगह की घेराबंदी नहीं की गई थी। सेमिनार हॉल के जिस हिस्से में शव मिला था, उसे तुरंत पर्दे लगाकर सील कर दिया गया था। शव मिलने वाली जगह के 40 फीट के आसपास पीड़ित के परिवार के अलावा किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी।”

उन्होंने कहा, “वीडियो उस क्षेत्र के बाहर का है जिसे सील किया गया था। इसकी लंबाई और चौड़ाई करीब 10 फीट है। आरजी कार के डॉक्टरों समेत कुछ लोग वहां मौजूद थे। लेकिन किसी को भी सील किए गए क्षेत्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।”

संदीप घोष के वकील शांतनु डे ने मीडियाकर्मियों से कहा, “मैं उस दिन आरजी कर के पास ऑर्थोपेडिक्स के ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) का दौरा करने गया था। मैं सेमिनार हॉल के बाहर खड़ा था। मैं संस्थान की शिकायत समिति का सदस्य भी हूं।”

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Author: Suryodaya Samachar

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