Ethanol Fuel in India :- भारत की ऊर्जा जरूरतों और बढ़ती तेल आयात निर्भरता के बीच एथेनॉल को लेकर एक बड़ी संभावना सामने आई है। वैश्विक परामर्श कंपनी KPMG की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आने वाले वर्षों में एथेनॉल देश की परिवहन ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण (E20) के लक्ष्य को हासिल कर चुका है और अब E85 तथा E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों की दिशा में आगे बढ़ने का समय आ गया है।
ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
‘बियॉन्ड E20’ नामक रिपोर्ट के अनुसार, एथेनॉल को केवल पेट्रोल में मिलाए जाने वाले ईंधन के रूप में नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखा जाना चाहिए। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
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किसानों और अर्थव्यवस्था को होगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही स्वच्छ ईंधन के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलेगी।

E85 और E100 की ओर बढ़ सकता है भारत
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भविष्य में भारत को फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और E85 तथा E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे देश की ऊर्जा नीति को नई दिशा मिल सकती है।
विशेषज्ञों की राय
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि आवश्यक बुनियादी ढांचे और तकनीक का विस्तार किया गया, तो एथेनॉल भारत के लिए पेट्रोल का प्रभावी विकल्प बन सकता है और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बना सकता है।
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Author: Suryodaya Samachar
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