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Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा चक्रवाती तूफान मुरासु, 120 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट Tilak Varma : इरफान पठान ने गौतम गंभीर की रणनीति पर उठाए सवाल, बोले- अक्षर से पहले तिलक वर्मा और नमन धीर को भेजना चाहिए था Omar Abdullah Wedding: जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से की दूसरी शादी, सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें Pune Crime News : लंदन में MBA कर रही थी युवती, परिवार को बिना बताए भारत लौटी; पुणे के फ्लैट में मिला शव, फूड डिलीवरी के बिल से खुला राज Dhanteras 2026: सोना-चांदी ही नहीं, धनतेरस पर ये चीजें खरीदना भी माना जाता है शुभ, जानिए क्या है धार्मिक महत्व PM Kisan 24th Installment : PM Kisan की 24वीं किस्त के ₹2,000 नहीं आए? इन 6 गलतियों की वजह से अटक सकता है पैसा, ऐसे चेक करें स्टेटस

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Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा चक्रवाती तूफान मुरासु, 120 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Cyclone Murasu : बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मुरासु अब गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह तूफान दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच ओंगोल के नजदीक तट से टकराने की संभावना है। तूफान के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार समुद्र में सक्रिय यह तूफान तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश ला सकता है। प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए आपातकालीन तैयारियां तेज कर दी हैं।

Cyclone Murasu : ओंगोल के पास होगा मुरासु का लैंडफॉल

IMD के 2 नवंबर के मौसम बुलेटिन के अनुसार चक्रवाती तूफान मुरासु पश्चिम-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है। इसके लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने बताया है कि मुरासु 2 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दे सकता है। इसका संभावित लैंडफॉल नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास बताया गया है।

तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

Cyclone Murasu : आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका

चक्रवात मुरासु के सबसे ज्यादा प्रभाव की आशंका दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में जताई गई है। यहां तेज हवाओं के साथ भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने को कहा गया है।

Cyclone Murasu

 

Cyclone Murasu : ओडिशा और तमिलनाडु में भी मौसम बिगड़ने के आसार

मुरासु का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। मौसम विभाग ने ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में भी बारिश को लेकर चेतावनी दी है। विशेष रूप से रायगड़ा सहित कुछ जिलों में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

वहीं तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना और रायलसीमा क्षेत्र में भी बारिश और खराब मौसम की संभावना जताई गई है।

केरल, कर्नाटक और आसपास के कुछ क्षेत्रों में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

Cyclone Murasu : प्रशासन ने तेज की तैयारी, राहत टीमें अलर्ट पर

चक्रवात की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ओडिशा के रायगड़ा जिले में सभी 11 फायर स्टेशन टीमों को आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।

इसके अलावा सड़कों पर पेड़ गिरने या रास्ते बंद होने की स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी, एक्सकेवेटर और अन्य भारी मशीनें भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात की गई हैं। प्रशासन ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

Cyclone Murasu : क्या होता है लैंडफॉल?

जब कोई चक्रवाती तूफान समुद्र से आगे बढ़कर जमीन के तटीय हिस्से में प्रवेश करता है तो इस प्रक्रिया को लैंडफॉल कहा जाता है। इस दौरान तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

लैंडफॉल के समय तूफान का प्रभाव तटीय इलाकों में सबसे अधिक महसूस किया जा सकता है। हालांकि जमीन पर पहुंचने के बाद चक्रवात की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है। इसका वास्तविक असर तूफान की गति और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

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Cyclone Murasu : चक्रवात के दौरान लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

मुरासु के संभावित प्रभाव को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

  • मौसम विभाग के ताजा अपडेट और प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें।
  • समुद्र और समुद्र तट के आसपास जाने से बचें।
  • मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए न जाएं।
  • तेज हवाओं के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।
  • जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, टॉर्च और पीने का पानी सुरक्षित रखें।
  • प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश मिलने पर उसका पालन करें।

फिलहाल चक्रवात मुरासु को लेकर दक्षिण भारत के कई हिस्सों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग लगातार तूफान की दिशा, गति और तीव्रता पर नजर बनाए हुए है। आने वाले घंटों में जारी होने वाले नए बुलेटिन से इसके लैंडफॉल और संभावित प्रभाव की अधिक स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

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Author: Suryodaya Samachar

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