Bhadohi news :- [Reported by Sujeet Singh] सनातन संस्कृति के विस्तार और इसके मूल्यों को जागृत करने के उद्देश्य से “धरोहर संरक्षण सेवा संगठन” द्वारा आयोजित “संस्कृति संवाद यात्रा” का तेरहवाँ पड़ाव स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, ब्रह्माश्रम चौरी, भदोही में आयोजित किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक श्री मिठाई दुबे ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में संगठन के प्रमुख संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय उपस्थित रहे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति एक ऐसी विचारधारा है जो मानवीय मूल्यों पर आधारित है, और इसका विस्तार ही मानवाधिकारों की सुरक्षा और मानवता के विकास का रास्ता है।
Bhadohi news: सनातन संस्कृति का महत्व
मुख्य वक्ता कृष्णा नन्द पाण्डेय ने कहा कि आज की परिस्थिति में, जहाँ पूरी दुनिया युद्ध और अशांति से जूझ रही है, वहीं यह स्पष्ट हो गया है कि शांति का एकमात्र रास्ता सनातन संस्कृति के सिद्धांतों को अपनाने में है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें हमारी परंपराओं में हैं, जो विश्व को सुख और शांति का अनुभव करा सकती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल सनातन संस्कृति के मार्ग पर चलकर ही हम एक शांति और संतुलित समाज की कल्पना कर सकते हैं। सनातन धर्म की यह अनमोल धरोहर मानव कल्याण की ओर इंगित करती है और इस संस्कृति की रक्षा के लिए हर सनातनी को अपने सर्वोच्च बलिदान के लिए तत्पर रहना होगा।
संस्कृति संरक्षण के लिए सैनिक बनने का आह्वान
कृष्णा नन्द पाण्डेय ने सभी सनातनी समाज से अपील की कि वे सनातन संस्कृति के योद्धा बनें और इसकी रक्षा एवं विस्तार के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को अपनी परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए सैनिक की भूमिका में आना होगा। संगठन का यह उद्देश्य है कि लोग अपने धर्म और संस्कृति की महानता को पहचानें और इसे वैश्विक स्तर पर फैलाने में योगदान दें।
Dial 112 :- दीपावली पर डायल 112 ने तोड़े रिकॉर्ड, हजारों लोगों को मिली सहायता
उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि हम अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक हों और इसे अपनी आने वाली पीढ़ियों को सौंपें। इसके लिए आवश्यक है कि हम संगठन के रूप में संगठित हों और अपनी पहचान को मजबूती से स्थापित करें। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपने आदर्शों और मानवीय मूल्यों को अपनाकर दुनिया को यह संदेश देना होगा कि शांति और समृद्धि के मार्ग में सनातन धर्म एक अमूल्य योगदान दे सकता है।

संगठन के कार्य और उद्देश्य पर चर्चा
कृष्णा नन्द पाण्डेय ने “धरोहर संरक्षण सेवा संगठन” के कार्यों और उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य है कि हर सनातनी को अपनी संस्कृति का गहरा ज्ञान हो और वह इसे दूसरों तक पहुँचाने में सक्षम हो। संगठन विभिन्न गतिविधियों और यात्राओं के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है। उनका मानना है कि अगर हम अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक होंगे, तभी इसके संरक्षण और विकास के लिए प्रभावी कदम उठा सकेंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल संगठित होकर ही हम अपनी संस्कृति का विस्तार कर सकते हैं।
https://suryodayasamachar-in.stackstaging.com/dial-112-dial-112-broke-records-on-diwali-thousands-of-people-got-help/
उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें मधुकर चौबे, राजन दूबे, नीतेश दूबे, अखिलेश राय, त्रिभुवन शुक्ला, रंजीत सोनकर, अजय पाल, अमित दूबे, पिंटू कुलदीप, आलोक दुबे, और मनोज पाल सहित अन्य लोग शामिल रहे। सभी ने एक साथ मिलकर सनातन संस्कृति के संरक्षण और विस्तार के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुआ समापन
कार्यक्रम का आयोजन श्री संजय शुक्ला के नेतृत्व में किया गया, और संचालन संजय सिंह “भोले” ने कुशलतापूर्वक किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। इस पाठ के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ और सभी ने मिलकर सनातन संस्कृति के उत्थान का संकल्प लिया।
“संस्कृति संवाद यात्रा” का यह पड़ाव यह संदेश देता है कि सनातन संस्कृति की रक्षा और इसके विस्तार के लिए हमें संगठित होकर एक सैनिक के रूप में कार्य करना होगा। हमारी संस्कृति हमें जीवन के उच्चतम मूल्यों का अनुभव कराती है और इसे अपनाकर हम न केवल अपनी बल्कि पूरे विश्व की भलाई में योगदान कर सकते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में एक नई जागरूकता की लहर उठ रही है, जो सनातन संस्कृति के उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Author: Suryodaya Samachar
खबर से पहले आप तक







