ब्राजील :- X एक्स कंपनी ने ब्राजील के शीर्ष न्यायाधीश पर परेशान करने और धमकाने का आरोप लगाया है। एक्स की ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स टीम ने अपने आधिकारिक हैंडल @GlobalAffairs से पोस्ट करते हुए अलेक्जेंड्रे डी मोरेस पर सेंसरशिप आदेशों का पालन न करने पर ब्राजील में उनके कानूनी प्रतिनिधि को गिरफ्तारी की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन करने के बजाय, मोरेस ने ब्राजील में उनके कर्मचारियों को धमकाया, और उनके कार्यों को लोकतांत्रिक शासन के साथ असंगत बताया है।
ब्राजील में सेंसरशिप ऑर्डर के बाद मस्क का ऐलान…
एक बयान में, एक्स की ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स टीम ने कहा, “पिछली रात, अलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने ब्राजील में हमारे कानूनी प्रतिनिधि को धमकी दी कि अगर हम उनके सेंसरशिप आदेशों का पालन नहीं करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनके अनुचित आदेश को उजागर करने के लिए हम यहां साझा कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में हमारी कई अपीलों पर सुनवाई नहीं होने, ब्राजील की जनता को इन आदेशों के बारे में सूचित नहीं किए जाने और हमारे ब्राजीलियाई कर्मचारियों के पास इस बात पर कोई जिम्मेदारी या नियंत्रण नहीं होने के बावजूद मोरेस ने हमारे कर्मचारियों को धमकी दी है। ब्राजील कानून या उचित प्रक्रिया का सम्मान करने के बजाय मनमाने ढंग से आदेश दिया है।”
यह कदम मोरेस और एक्स के मालिक एलन मस्क के बीच कानूनी लड़ाई के बाद उठाया गया। डी मोरेस ने कहा है कि वह ऑनलाइन गलत सूचना के प्रसार से लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। एलन मस्क ने भी इस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है और एलेक्जेंडर डी मोरेस के फैसले को ‘न्याय का घोर अपमान’ कहा है।
रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष की शुरुआत में एलेक्जेंडर डी मोरेस ने एक्स को कुछ खातों को ब्लॉक करने का आदेश दिया था, जिन पर गलत सूचना और घृणा संदेश फैलाने का आरोप था। इनमें ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के समर्थकों के कुछ खाते भी शामिल थे। बोल्सोनारो ने बार-बार दावा किया कि 2022 में कड़े मुकाबले वाले चुनाव से पहले ब्राजील की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली धोखाधड़ी की चपेट में थी।
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Author: Suryodaya Samachar
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