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अधिकतर महिलाएं हो रही हैं मोटापा का शिकार, इन तरीकों से मिल सकता है छुटकारा…..

Lifestyle, Health News : अक्सर देखा गया है कि हमारे अनियमित खान-पान से हमारे स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है इसी से एक और बीमारी बढ़ रही है जो कि आम हो चुकी है चाहे पुरुष हो या महिला इस बीमारी ने सबको अपने चंगुल में जकड़ रखा है । और अधिकतर महिलाएं इसका शिकार हो रही है यह बीमारी है मोटापा जो की महिलाओं में बहुत common हो चुकी है । जहां तक की सुनने में आता है कि महिलाएं हमेशा पतला और सुडौल शरीर ही चाहती हैं और सबसे ज्यादा परेशानी का कारण थी है । आज हम तो आज हम कुछ इन्हीं से जुड़े तथ्यों पर बात करेंगे और इनसे निजात दिलाने के उपाय के बारे में बात करेंगे…..

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Women’s Fitness Realated News :

महिलाओं की बिगड़ी जीवन शैली से से उनके शरीर पर बहुत असर पड़ रहा है और उनका स्वास्थ्य और पोषण घट गया है। इसका खामियाजा माताओं के साथ उनके बच्चों को भी झेलना पड़ता है। इन महिलाओं की संख्या पिछले दस साल में डेढ़ गुना तक बढ़ी है। इसके कारण को पता लगाने के लिए लेडी हार्डिंग अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग-यूनिट दो ने इलाज करवाने आईं महिलाओं की मेडिकल हिस्ट्री का विश्लेषण किया। इसका परिणाम यह आया कि महिलाओं में आयरन ,विटामिन b12 , विटामिन D, हीमोग्लोबिन की कमी बहुत देखने को मिली अधिकतर case इसी से जुड़े थे। बात करें अगर आंकड़े की तो यह आंकड़ा 20 % से बढ़कर 30% पहुंच गया है।

 

महिलाओं में आयरन, विटामिन डी, बी 12, हीमोग्लोबिन की कमी से पोषण पर पड़ता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि जब ये महिलाएं गर्भवती होती हैं तो इन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है । वहीं इसका असर बच्चों पर भी पड़ता है बच्चों का असामान्य वजन का होना इसका सामान्य लक्षण है। पैदा होने वाले बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत कम होती है वही महिलाओं में मधुमेह और रक्तचाप होने के भी आसार बढ़ जाते हैं

जाने क्या है इसके प्रमुख कारण :

लेडी हार्डिंग अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की यूनिट-दो की निदेशक प्रोफेसर डॉ. मंजू पुरी ने बताया कि यह चिंताजनक बात है कि महिलाओं में पोषण की कमी आ रही है। यह जच्चा-बच्चा दोनों के लिए नुकसानदायक है। पिछले 10 सालों में संख्या लगातार बढ़ रही है । डॉक्टर ने बताया कि इसका प्रमुख कारण समय पर खाना ना खाना डॉक्टरों की सलाह ना मानना दवा ना लेना महामारी के समय लापरवाही करना है । इस समस्या से निजात पाने के लिए डॉक्टर ने चार्ट भी तैयार किया है ।

 

आधी महिलाएं ही स्वस्थ :

बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) स्वस्थ पाया जाता है, जबकि 25 से 30 फीसदी महिलाओं का वजन बीएसआई से काफी ज्यादा और 20 से 25 फीसदी महिलाओं का वजन बीएमआई ने काफी कम पाया जाता है। यह दोनों ही प्रकार की महिलाएं स्वास्थ्य मानक के आधार पर कमजोर हैं।

यह करें…

*महिलाएं शारीरिक रूप से सक्रिय रहें
*डॉक्टरों की सलाह पर खानपान लें
*समय पर दवाओं का सेवन करें

यह रहे स्तर

*विटामिन डी : 20 ng/mL से अधिक
*विटामिन बी12 : 300 pg/mL से अधिक
*आयरन : 18 मिलीग्राम से ऊपर

कब करवाएं हीमोग्लोबिन की जांच

* साल में एक बार
* फैमिली प्लानिंग करने से पहले
* महावारी में खून का रिसाव ज्यादा होने पर

हर माह एक हजार महिलाओं की होती है जांच

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विभाग में हर माह आने वाली एक हजार महिलाओं की जांच होती है। पिछले दस साल से लगातार यह जांच हो रही है। इसमें महिलाओं में आयरन, विटामिन डी, बी 12 के स्तर को मापा जाता है। इसकी निगरानी की जा रही है। पिछले दस साल के दौरान यह पाया गया कि कुल महिलाओं में पोषण का स्तर 20% से बढ़कर 30% तक पहुंच गया।

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Author: Suryodaya Samachar

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