Ganga Saptami 2026 :- गंगा सप्तमी 2026 के शुभ अवसर पर जानें पूजा का महत्व, व्रत कथा और आरती। इस दिन मां गंगा की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
क्या है गंगा सप्तमी का महत्व ?
गंगा सप्तमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व माना जाता है। इस दिन मां गंगा के धरती पर अवतरण की कथा से जुड़ा विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
🙏 गंगा सप्तमी पर पूजा का महत्व
गंगा सप्तमी के दिन श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं या घर पर ही गंगाजल से स्नान कर पूजा करते हैं।
मां गंगा की आराधना करने से मानसिक शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है।
📖 गंगा सप्तमी व्रत कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुईं।
भगवान शिव ने गंगा के वेग को अपनी जटाओं में धारण कर उसे नियंत्रित किया, जिससे पृथ्वी पर जीवन का संतुलन बना रहा।
कहा जाता है कि गंगा के जल से राजा सगर के पुत्रों को मोक्ष प्राप्त हुआ। तभी से गंगा को पापों को हरने वाली और मोक्ष देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।
गंगा सप्तमी के दिन इस कथा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

🪔 गंगा सप्तमी की आरती
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
चंद्र सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता॥
पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता।
कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुखदाता॥
ॐ जय गंगे माता…
🌼 पूजा विधि (संक्षेप में)
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
गंगाजल से भगवान का अभिषेक करें
मां गंगा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाएं
फूल, अक्षत और प्रसाद अर्पित करें
कथा पढ़ें और आरती करें
✨ क्या मिलेगा इस दिन पूजा करने से
पापों से मुक्ति
मानसिक शांति
परिवार में सुख-समृद्धि
जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
LPG new rules :- LPG Cylinder Users के लिए बड़ी राहत! बुकिंग-डिलीवरी पर सरकार के अहम फैसले
Author: Suryodaya Samachar
खबर से पहले आप तक






