Dharmendra Pradhan :- NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का वर्ष 1997 का एक पुराना छात्र आंदोलन फिर चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पुरानी प्रोफाइल रिपोर्ट और तस्वीरों के बाद लोग उनके छात्र जीवन के आंदोलन और वर्तमान भूमिका की तुलना कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि वर्ष 1997 में धर्मेंद्र प्रधान ने कथित पेपर लीक के विरोध में छात्रों के साथ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था। उस समय उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी।
अब NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच वही पुराना आंदोलन सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स इसे मौजूदा परिस्थितियों से जोड़कर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा सरकार के खिलाफ हुआ यह आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान की अगुवाई में हुआ था। पुलिस कार्रवाई के बावजूद उन्होंने अपना विरोध जारी रखा। इसी आंदोलन के बाद उनकी पहचान राज्य के प्रमुख छात्र नेताओं में बनने लगी। धर्मेंद्र प्रधान ने 18 साल की उम्र में छात्र राजनीति में कदम रखा था। उत्कल विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान वह छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहे। नवंबर 1994 से 1997 के बीच वह दो बार ABVP के राष्ट्रीय सचिव भी रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पुराने घटनाक्रम को वर्तमान संदर्भ में देखने से पहले उससे जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को समझना आवश्यक है। वहीं, NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच और उससे संबंधित कानूनी प्रक्रिया अलग से जारी है।
Author: Suryodaya Samachar
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