Dharmendra Pradhan resign :– केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI कानपुर ग्रामीण द्वारा चलाए जा रहे “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। NSUI ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तिलक हॉल के अंदर घुसकर जिलाध्यक्ष अनिकेत मिश्रा के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की।
📌 छात्र हितों को लेकर बुलंद हुई आवाज
NSUI कानपुर ग्रामीण के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। कार्यक्रम के दौरान “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
🚨 पुलिस पर गंभीर आरोप
NSUI जिलाध्यक्ष अनिकेत मिश्रा ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन किए जाने के बावजूद पुलिस तिलक हॉल के अंदर पहुंच गई। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की, जिससे संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया।
अनिकेत मिश्रा का बयान
“हम छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद पुलिस तिलक हॉल के अंदर पहुंची और मेरे साथ मारपीट एवं धक्का-मुक्की की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से हम डरने वाले नहीं हैं। छात्रों की आवाज़ को दबाने का हर प्रयास लोकतांत्रिक तरीके से विफल किया जाएगा।”
🎯 प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी
प्रदर्शन के दौरान NSUI उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान भी मौजूद रहे। उनके मार्गदर्शन में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
👥 बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता
कार्यक्रम में जीत सिंह चौहान, प्रथमेश पांडेय, कार्तिकेय सिंह सहित NSUI के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर छात्र हितों की रक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
📢 संगठन की चेतावनी
NSUI नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग कर छात्रों की समस्याओं को उठाना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि छात्रों की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया गया तो संगठन भविष्य में और बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
📰 रिपोर्टर
रिपोर्ट: सूर्योदय समाचार ब्यूरो
स्थान: कानपुर, उत्तर प्रदेश
श्रेणी: राजनीति | छात्र आंदोलन | उत्तर प्रदेश
Author: Suryodaya Samachar
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