बड़ी खबर
Saharsa Land Dispute :- सहरसा में पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप, वृद्ध महिला ने डीआईजी से लगाई न्याय की गुहार Aharora Thakur Ji Mela :- अहरौरा ठाकुर जी मेले में श्रृंगार को लेकर विवाद, बैठक के बाद सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा मामला Mirzapur Accident:- खदानों में सुरक्षा इंतजाम ही मजदूरों की जान का कवच, मुआवजे से वापस नहीं आती जिंदगी Kainchi Dham Tourist Places :- कैंची धाम जा रहे हैं तो इन खूबसूरत जगहों को भी करें एक्सप्लोर, झीलों और पहाड़ों के बीच यादगार बनेगा सफर Deepika Padukone Maternity Photos: बेटी दुआ के बर्थडे पर दीपिका ने फ्लॉन्ट किया बेबी बंप, ₹49 हजार के लुक ने खींचा ध्यान Mirzapur News :- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों-सहायिकाओं को बड़ी सौगात, मानदेय बढ़ने से मीरजापुर में खुशी की लहर

Home » उत्तर प्रदेश » वाराणसी » Varanasi News :- हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित, पत्रकारिता के बदलते मानदंडों पर हुआ विमर्श

Varanasi News :- हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित, पत्रकारिता के बदलते मानदंडों पर हुआ विमर्श

Varanasi News :- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग और महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को “वैश्विक परिप्रेक्ष्य में हिन्दी पत्रकारिता का मूल्य एवं अवदान” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

🏛️ मुख्य अतिथि विश्व भूषण ने कहा – “समय के साथ पत्रकारिता के मानदंड बदले हैं”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण ने कहा कि पत्रकारिता समय के साथ अपने स्वरूप और मानकों में बदलाव लाती रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में कुछ वर्ग पत्रकारिता का दुरुपयोग करते हुए देशविरोधी एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब सभी झूठ बोलने लगते हैं, तो सच बोलना खतरनाक हो जाता है।” काशी से सभी को सत्य बोलने का संकल्प लेना चाहिए।

📰 हिन्दी पत्रकारिता भारतीयता की भावना देती है : प्रो. राघवेंद्र मिश्र

सारस्वत अतिथि और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. राघवेंद्र मिश्र ने हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा शुरू किया गया ‘उदंत मार्तण्ड’ हिन्दी पत्रकारिता की नींव था। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के 43 से अधिक देशों में हिन्दी में सामग्री प्रकाशित हो रही है, जो हिन्दी की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है। हिन्दी पत्रकारिता केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीयता की आत्मा है।

Varanasi News

🧭 पत्रकारिता का उद्देश्य राष्ट्र और समाजहित होना चाहिए : प्रो. गोपाल सिंह

मुख्य वक्ता प्रो. गोपाल सिंह, संकायाध्यक्ष, स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशन, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ ने कहा कि आज की पत्रकारिता व्यवसायिकता की ओर झुक गई है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का दर्जा अपने कार्यों से अर्जित किया है, इसलिए इसे समाज और राष्ट्र हित में प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

📚 अन्य वक्ताओं का योगदान

स्वागत भाषण: डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह (निदेशक, हिन्दी पत्रकारिता संस्थान)

बीज वक्तव्य: डॉ. विनोद कुमार सिंह

संचालन: डॉ. प्रभा शंकर मिश्र

धन्यवाद ज्ञापन: डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह

Varanasi News :- मत्स्य पालक मेला एवं जातीय जनगणना गोष्ठी का आयोजन, मंत्री संजय निषाद ने की बड़ी घोषणाएं

कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी रही। उपस्थिति में प्रमुख रूप से डॉ. संजय सिंह गौतम, डॉ. दयानन्द, डॉ. संतोष मिश्र, डॉ. जय प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. सरिता राव, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, गुरुप्रकाश सिंह, सुहानी, प्रगति, मानवेंद्र, श्रेया आदि शामिल रहे।

Varanasi News

 

✅ यह कार्यक्रम हिन्दी पत्रकारिता की गहराई, दिशा और दशा पर एक सार्थक संवाद का मंच बना, जिसने न केवल इसकी ऐतिहासिक विरासत को रेखांकित किया, बल्कि वर्तमान चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा की।

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

खबर से पहले आप तक

Leave a Comment

Live Cricket

ट्रेंडिंग