बड़ी खबर
Jajmau Ganga bridge :- जाजमऊ गंगा पुल तीन महीने रहेगा बंद, 16 सितंबर से डायवर्जन; उन्नाव-कानपुर आने-जाने वालों की बढ़ेगी मुश्किल Vindhya Expressway Mirzapur :- विंध्य एक्सप्रेसवे की जद में आने वाले गांवों के किसानों में बढ़ी चिंता, मुआवजे को लेकर उठे सवाल Bank strike 2026 :- 11 सितंबर को राष्ट्रव्यापी Bank Strike, 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल; मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन ChatGPT 1980s Photo Trend :- कुछ सेकंड का मजा, लेकिन AI के पीछे छिपी है पर्यावरण की बड़ी कीमत Kisan Panchayat 2026 :- भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति की दो दिवसीय राष्ट्रीय किसान पंचायत 12-13 सितंबर को Saharsa Land Dispute :- सहरसा में पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप, वृद्ध महिला ने डीआईजी से लगाई न्याय की गुहार

Home » शिक्षा » IITian Baba :- कनाडा में नौकरी, करोड़ों का पैकेज… फिर सब कुछ छोड़कर बने संन्यासी: IITian बाबा अभय सिंह की प्रेरक कहानी

IITian Baba :- कनाडा में नौकरी, करोड़ों का पैकेज… फिर सब कुछ छोड़कर बने संन्यासी: IITian बाबा अभय सिंह की प्रेरक कहानी

IITian Baba :- हरियाणा के झज्जर जिले के निवासी और आईआईटी मुंबई से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पढ़ाई करने वाले अभय सिंह आज अपनी अनूठी और प्रेरणादायक जीवन यात्रा के कारण चर्चा में हैं। आईआईटी मुंबई से टॉप रैंक के साथ ग्रेजुएशन करने के बाद, जब उनके सामने एक शानदार करियर और आरामदायक जीवन का विकल्प था, उन्होंने उसे छोड़कर जीवन के गहरे सत्य की तलाश का रास्ता चुना।

आज अभय सिंह साधु के वेश में प्रयागराज के महाकुंभ मेले 2025 में उपस्थित हैं और “इंजीनियर बाबा” के नाम से लोकप्रिय हो रहे हैं। यह कहानी न केवल अद्भुत है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि जीवन में भौतिक उपलब्धियों से अधिक आत्मिक शांति और सच्चाई की खोज महत्वपूर्ण है।

डिप्रेशन से मुक्ति की यात्रा

मीडिया से बातचीत में अभय सिंह ने बताया कि वे आईआईटी मुंबई में 2008 बैच के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग छात्र थे। हालांकि, पढ़ाई के दौरान वे गहरे डिप्रेशन में चले गए। जीवन का उद्देश्य और भविष्य की चिंताओं ने उन्हें अंदर से झकझोर दिया। उन्होंने बताया, “मुझे लगता था कि मैं कितने भी विमान बना लूं, लेकिन इस जीवन का असली उद्देश्य क्या है?”

अभय सिंह ने अपने मानसिक स्वास्थ्य और जीवन से जुड़े गहरे सवालों का समाधान ढूंढने के लिए मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) का अध्ययन शुरू किया। लेकिन उनके सवालों का असली उत्तर उन्हें इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) और कृष्ण भक्ति के मार्ग पर चलने से मिला।

इंजीनियर से साधु बनने का सफर

अभय सिंह ने कृष्ण भक्ति में कदम रखते हुए जीवन की भौतिक दौड़ से दूर आध्यात्मिक जीवन को अपनाया। उन्होंने बताया कि भौतिक उपलब्धियां हमें क्षणिक संतोष दे सकती हैं, लेकिन आत्मिक संतुष्टि और शांति केवल ईश्वर की भक्ति और सेवा से ही मिलती है।

कुंभ मेले में “इंजीनियर बाबा” की लोकप्रियता

महाकुंभ 2025 प्रयागराज में अभय सिंह, जो अब “इंजीनियर बाबा” के नाम से पहचाने जाते हैं, भक्तों और श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण बने हुए हैं। उनकी जीवन यात्रा युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो यह सिखाती है कि जीवन का असली उद्देश्य केवल करियर या भौतिक सुख-सुविधाएं ही नहीं, बल्कि आत्मा की शांति और सच्चाई की खोज है।

Saif Ali Khan attack news live :- सैफ अली के घर डकैती की कोशिश, अभिनेता पर भी हुआ चाकू से हमला, जानिए Live update

युवाओं के लिए संदेश

इंजीनियर बाबा का कहना है, “जीवन में सफलता का मतलब केवल पैसे कमाना या बड़ी उपलब्धियां हासिल करना नहीं है। आत्मा की शांति और जीवन के उद्देश्य को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।” उनका मानना है कि भक्ति, ध्यान और आत्म-विश्लेषण से हर व्यक्ति अपने जीवन के कठिन दौर को पार कर सकता है।

अभय सिंह की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि आत्मा की शांति और सत्य की खोज के लिए भौतिक जीवन को छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग पर चलना भी एक साहसिक और सार्थक निर्णय हो सकता है।

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

खबर से पहले आप तक

Leave a Comment

Live Cricket

ट्रेंडिंग