Varanasi news :- वाराणसी के चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में 14 मई 2025 को एक विशेष आयोजन हुआ, जिसे “मण्डलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी-2025” के नाम से जाना गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग के स्वर्णिम 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
इस गोष्ठी में वाराणसी, आजमगढ़ और विंध्याचल मंडलों के 10 जिलों से करीब 800 प्रगतिशील किसान, उद्यमी, एफपीओ, और निर्यातक शामिल हुए। यह आयोजन न केवल एक बैठक थी, बल्कि किसानों को तकनीक, जानकारी और योजनाओं से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास भी रहा।
मुख्य अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ा कार्यक्रम का गौरव
गोष्ठी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बी.एल. मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने की।
इस मौके पर कई सरकारी विभागों, निजी फर्मों और वैज्ञानिक संस्थाओं द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जिनमें किसानों ने नई तकनीकों, बीजों और उपकरणों की जानकारी प्राप्त की।
वैज्ञानिकों ने दी उपयोगी जानकारी
गोष्ठी में बीएचयू, कृषि विज्ञान केंद्र, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान और अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने अलग-अलग जलवायु क्षेत्रों के अनुसार औद्यानिक फसलों की खेती पर चर्चा की।
डॉ. डी.आर. भारद्वाज ने सब्जियों की उन किस्मों पर प्रकाश डाला जिन्हें निर्यात के लिए उपयोगी माना जाता है। वहीं, प्रोफेसर डॉ. श्रीराम सिंह ने ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में रोचक जानकारी दी।
खाद्य प्रसंस्करण और व्यापार पर भी चर्चा
डॉ. एस.के. चौहान ने फसल कटाई के बाद प्रबंधन और खाद्य प्रसंस्करण पर जानकारी दी। डॉ. अमित यादव, उप निदेशक, ने कृषि निर्यात नीति पर प्रकाश डाला।
किसानों को मिली योजनाओं की जानकारी
मुख्य अतिथि ने किसानों से उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की और गांव स्तर पर चौपालों के आयोजन का सुझाव दिया ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं से जुड़ सकें। विदेश व्यापार की संभावनाओं को लेकर भी किसानों को जागरूक किया गया।
सम्मान समारोह से बढ़ा मनोबल
कार्यक्रम में 10 सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों और 10 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इससे सभी प्रतिभागियों का उत्साह और मनोबल बढ़ा।
विधायकों और अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायकगण, जैसे डॉ. अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सुचिस्मिता मौर्या, रिंकी कोल, पूनम मौर्य आदि उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों में डॉ. वी.बी. द्विवेदी, डॉ. राजीव वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम का सुंदर संचालन वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक ज्योति कुमार सिंह द्वारा किया गया।
यह गोष्ठी न केवल जानकारी का मंच बनी, बल्कि किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद का सेतु भी सिद्ध हुई। इससे किसानों को नई तकनीकों और बाजार की मांग को समझने में मदद मिली। निश्चित रूप से यह आयोजन क्षेत्रीय कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
Author: Suryodaya Samachar
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