Varanasi news 01 सितम्बर 2025। अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त वाराणसी मोहित अग्रवाल ने आज कैम्प कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में नगर के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारियों सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने आगामी दिनों में कानून-व्यवस्था को सख़्ती से लागू करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
महिला अपराध पर शून्य सहनशीलता
बैठक का पहला और सबसे अहम बिंदु महिला सुरक्षा रहा। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि महिला अपराधों के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेषकर नाबालिगों की गुमशुदगी की स्थिति में तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करना अनिवार्य होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पुलिसिंग के तौर-तरीकों में सकारात्मक बदलाव लाकर जनता का विश्वास जीतना ही प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए।
जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण
बैठक में आईजीआरएस पोर्टल, तहसील दिवस एवं थाना दिवस पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। थाना प्रभारियों को स्पष्ट रूप से आदेशित किया गया कि वे स्वयं शिकायतों की जांच रिपोर्ट पढ़ें, समझें और संस्तुति करके ही रिपोर्ट आगे भेजें। राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर शिकायतों का निरीक्षण करेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
यातायात व्यवस्था को लेकर सख़्त रुख
पुलिस आयुक्त ने शहर में बढ़ते यातायात दबाव और अव्यवस्था को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण या मरम्मत के नाम पर यदि ठेकेदारों द्वारा सड़क पर गड्ढा खोदकर लापरवाही बरती जाती है तो उनके खिलाफ सीधा अभियोग दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। साथ ही, शॉपिंग मॉल या बड़े प्रतिष्ठानों के बाहर अवैध पार्किंग पाए जाने पर संबंधित मॉल को तत्काल बंद कराया जाएगा। शहर की सड़कों पर किसी भी प्रकार का वेंडिंग जोन बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
ऑपरेशन चक्रव्यूह और रात्रि चेकिंग
अपराधियों पर अंकुश लगाने और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए “ऑपरेशन चक्रव्यूह” को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। आदेश दिया गया कि प्रत्येक थाने की 20% फोर्स का नियमित रूप से रात्रि चेकिंग में प्रयोग किया जाए। इस चेकिंग व्यवस्था की निगरानी तीन स्तरों पर होगी— पुलिस आयुक्त कार्यालय से, संबंधित पुलिस उपायुक्त कार्यालय से तथा प्रतिदिन एक राजपत्रित अधिकारी के माध्यम से। इससे अपराध नियंत्रण में और अधिक मजबूती आएगी।
साइबर अपराध पर विशेष जोर
बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा साइबर अपराध रहा। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर प्राप्त सभी साइबर शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। साइबर अपराध में प्रयुक्त सिम कार्ड्स के प्वाइंट ऑफ सेल (POS) की जानकारी एकत्र कर अपराधियों के नेटवर्क तक पहुँचा जाए। संदिग्ध या फर्जी दस्तावेज़ पर जारी सिम कार्ड की तुरंत समीक्षा कर उन्हें रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही साइबर स्लेवरी और विदेशी धन प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया। बैंकों को निर्देश दिए गए कि वे कड़ी KYC जाँच करें तथा संदिग्ध खातों पर लगातार निगरानी रखें। जिन खातों में धनराशि होल्ड कराई गई है, उन पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। सभी पुलिसकर्मियों को शीघ्र ही “CyTrain” कोर्स पूर्ण करने का आदेश दिया गया ताकि साइबर अपराधों की रोकथाम में दक्षता बढ़ाई जा सके।
त्यौहारों के दृष्टिगत सुरक्षा
आगामी त्यौहारों के मद्देनज़र पुलिस आयुक्त ने सतर्कता बरतने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक स्थलों और बाजारों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए। त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल को सतर्क और मुस्तैद रहने को कहा गया।
बैठक में शामिल अधिकारी
इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं कानून-व्यवस्था) श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध श्री राजेश सिंह सहित समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक में दिए गए दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से इस बात की ओर इशारा करते हैं कि पुलिस विभाग अब अपराध पर अंकुश लगाने, जनता को त्वरित न्याय दिलाने और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात प्रबंधन और आगामी त्यौहारों की सुरक्षा व्यवस्था पर दिए गए कड़े निर्देश आने वाले दिनों में शहर की पुलिसिंग को एक नई दिशा देंगे।
Author: Suryodaya Samachar
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