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वाराणसी: गिरफ्तार मुलजिम को थाने से छोड़ने और जीडी में फेरबदल का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

वाराणसी: वाराणसी के सारनाथ थाना एक बार फिर विवादों में घिर गया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने थाना स्तर पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक गंभीर अपराध के अभियुक्त को गिरफ्तार कर थाने लाने के बाद, उसे बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के छोड़ दिया गया और इस पूरी प्रक्रिया को ढंकने के लिए थाने की जनरल डायरी (जीडी) में फेरबदल किया गया।

अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी उत्तर प्रदेश एवं वाराणसी पुलिस कमिश्नर को भेजे गए पत्र में कहा है कि उन्हें 16 मई 2025 की जीडी संख्या 19, समय 8:55 की कथित प्रति प्राप्त हुई है। इस जीडी के अनुसार, उप निरीक्षक भारत कुमार चौधरी तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने शिवपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमा संख्या 383/2024 के अभियुक्त बाबा संजय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर सारनाथ थाने में दाखिल किया।

ठाकुर का आरोप है कि बाद में उक्त अभियुक्त को केवल “पूछताछ के लिए लाए जाने” का हवाला देकर थाने से छोड़ दिया गया। उनका यह भी कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को वैध ठहराने हेतु जीडी में संशोधन या हेरफेर किया गया, जो कि गंभीर प्रशासनिक और विधिक अनियमितता की ओर संकेत करता है।

उन्होंने कहा कि यदि एक गंभीर अपराध में नामजद अभियुक्त को बिना किसी कानूनी औपचारिकता के थाने से छोड़ दिया जाता है और थाने की डायरी में जानबूझकर बदलाव किया जाता है, तो यह न केवल पुलिस प्रणाली में भ्रष्टाचार को दर्शाता है, बल्कि कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने जैसा है।

इस पूरे मामले की जांच के लिए अमिताभ ठाकुर ने एक स्वतंत्र व निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है, ताकि संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट हो सके और यदि दोष सिद्ध होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

आजाद अधिकार सेना की प्रवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला पुलिस विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे मामलों में आवाज उठाएं, जिससे कि कानून का राज कायम रह सके।

इस बीच, अमिताभ ठाकुर ने इस मामले से संबंधित जीडी की कथित प्रति भी सार्वजनिक की है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया है। यह मामला अब राज्य प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और देखना यह होगा कि सरकार और पुलिस विभाग इस पर क्या रुख अपनाते हैं।

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

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