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Unnao news :- (श्रीराम कथा) धर्म, भक्ति और पवित्रता का मार्ग – देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज का संदेश…

Unnao news :- उन्नाव की पावन भूमि पर चल रही श्रीराम कथा के दौरान पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का गूढ़ महत्व समझाते हुए कहा कि यह कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह जीवन को धर्म, भक्ति और पवित्रता से भर देती है। कथा में उन्नाव सदर से भाजपा विधायक पंकज गुप्ता, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, भाजपा प्रदेश मंत्री अर्चना मिश्रा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अरुण सिंह, ब्लॉक प्रमुख नीरज गुप्ता और समाजसेवी अंशु गुप्ता और जसमीत अरोड़ा जी जैसे प्रमुख व्यक्तियों ने व्यासपीठ पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया और पुण्य लाभ अर्जित किया।

श्रीराम कथा का महत्व:

श्रीराम कथा केवल पौराणिक घटनाओं का वर्णन नहीं है बल्कि यह एक ऐसा दर्पण है जो हमारे जीवन को सुधारने का मार्ग दिखाती है। श्रीराम के आदर्शों और उनके चरित्र से हमें धर्म, नीति, और सद्गुणों की प्रेरणा मिलती है। ठाकुर जी महाराज ने कथा में बताया कि श्रीराम कथा का श्रवण करने से मनुष्य के हृदय में भक्ति और करुणा का संचार होता है। जब हम कथा सुनते हैं तो हमें यह समझ में आता है कि जीवन में सत्य, शांति और करुणा का महत्व क्या है।

रामायण की प्रमुख घटनाएं और उनके जीवनोपयोगी संदेश:

भगवान श्रीराम का वनवास:

श्रीराम का वनवास त्याग, कर्तव्य और परिवार के प्रति प्रेम का प्रतीक है। जब राजा दशरथ ने कैकेयी को दिए हुए वचन का पालन करते हुए श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास दिया तब श्रीराम ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया। यह घटना हमें सिखाती है कि कर्तव्य और वचन का पालन हर परिस्थिति में करना चाहिए चाहे वह कितना भी कठिन क्यों न हो। हमारे जीवन में भी कई बार कठिनाइयाँ आती हैं लेकिन हमें धैर्य और सहनशीलता का परिचय देना चाहिए।

माता सीता का अपहरण और उनकी अग्निपरीक्षा:

लंका के राजा रावण द्वारा माता सीता का अपहरण, और फिर श्रीराम द्वारा उनका उद्धार, प्रेम और निष्ठा का सर्वोत्तम उदाहरण है। माता सीता की अग्निपरीक्षा यह दर्शाती है कि सच्चाई और पवित्रता किसी भी संदेह से परे होती है। यह घटना हमें यह सिखाती है कि जीवन में अगर हमारी निष्ठा और विश्वास मजबूत हो तो कोई भी चुनौती हमें हरा नहीं सकती।

हनुमान जी की भक्ति और सेवाभाव:

हनुमान जी का चरित्र निःस्वार्थ सेवा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। जब श्रीराम ने सीता जी की खोज के लिए हनुमान जी को भेजा तो हनुमान जी ने अपनी पूरी शक्ति और बुद्धि से इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। उनकी लंका दहन की घटना हमें यह सिखाती है कि अगर हमारे हृदय में भक्ति की सच्ची भावना है तो हम किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं।

राम-रावण युद्ध और धर्म की विजय:

राम-रावण युद्ध केवल अच्छाई और बुराई का संघर्ष नहीं था, बल्कि यह धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई थी। अंत में रावण का वध यह दर्शाता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो अंत में सत्य और धर्म की ही विजय होती है। हमें अपने जीवन में सत्य के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए क्योंकि यही हमें सच्ची शांति और विजय दिला सकता है।

महाराज जी का संदेश: धर्म परिवर्तन से सावधान रहें

आज की कथा के दौरान पूज्य महाराज श्री ने सनातनियों को धर्म परिवर्तन की कोशिशों से सतर्क रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं की रक्षा करनी चाहिए। सनातन धर्म हमारे जीवन का आधार है और इसे कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का हमें मिलकर सामना करना चाहिए। धर्म परिवर्तन की कोशिशें हमारे समाज को विभाजित कर सकती हैं इसलिए हमें अपनी धार्मिक जागरूकता को बढ़ाना होगा और अपने बच्चों को भी हमारे धर्म की सच्ची शिक्षा देनी होगी।

कथा का समापन और भक्तों की प्रतिक्रिया:

कथा के समापन पर ठाकुर जी महाराज ने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि श्रीराम कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में अद्भुत परिवर्तन आता है। कथा का श्रवण करते हुए भक्तों की आंखों में भक्ति के आंसू और उनके चेहरों पर सच्ची श्रद्धा झलक रही थी। भक्तों ने कथा का आनंद लिया और व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य माना।

श्री राम कथा से मिलती है मन को शांति

श्रीराम कथा हमारे जीवन को धर्म, नीति, और भक्ति से परिपूर्ण करने का साधन है। यह हमें जीवन जीने का सही मार्ग दिखाती है और हमें सिखाती है कि सत्य, प्रेम, और करुणा के मार्ग पर चलकर ही हम सच्चे अर्थों में सफल हो सकते हैं। पूज्य महाराज श्री ने कहा कि हमें हर परिस्थिति में धर्म का पालन करना चाहिए और अपने जीवन को श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप ढालना चाहिए।

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Author: Suryodaya Samachar

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