RBI Repo Rate Hike 2026 : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 फीसदी कर दिया। इसके बाद निवेशकों के बीच ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी और बाजार लाल निशान में बंद हुआ।
कारोबार के अंत में BSE Sensex 429.11 अंक यानी 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 72,638.70 पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 50 में 173.05 अंक यानी 0.76 फीसदी की गिरावट रही और यह 22,603.05 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ बाजार की लगातार दो कारोबारी सत्रों से चली आ रही तेजी भी थम गई।
RBI Repo Rate Hike 2026 : RBI ने चार साल के करीब बाद बढ़ाया रेपो रेट
RBI की छह सदस्यीय Monetary Policy Committee ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने का फैसला लिया।
यह फरवरी 2023 के बाद RBI की पहली रेपो रेट बढ़ोतरी है। केंद्रीय बैंक ने अपनी पॉलिसी का रुख भी ‘Neutral’ से बदलकर ‘Calibrated Tightening’ कर दिया है।
इस बदलाव को बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद फिलहाल कमजोर पड़ सकती है।
RBI Repo Rate Hike 2026 : शेयर बाजार पर क्यों पड़ा दबाव?
रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ा। ऊंची ब्याज दरों का मतलब कंपनियों और आम लोगों के लिए कर्ज की लागत बढ़ना हो सकता है।
इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर चिंता ने भी निवेशकों का मूड प्रभावित किया।
ब्रेंट क्रूड करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था। महंगे कच्चे तेल से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
RBI Repo Rate Hike 2026 : 600 अंक से ज्यादा नीचे गया Sensex
दिन के कारोबार के दौरान Sensex में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडेक्स एक समय करीब 599 अंक तक नीचे चला गया था और 72,468.72 के इंट्राडे लो तक पहुंचा।

हालांकि बाद में बाजार ने कुछ नुकसान की भरपाई की और अंत में 429.11 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ।
Nifty भी कारोबार के दौरान दबाव में रहा और अंत में 22,603.05 के स्तर पर बंद हुआ।
RBI Repo Rate Hike 2026 : किन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव?
Nifty 50 में Titan सबसे ज्यादा कमजोर शेयरों में रहा और करीब 4 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।
इसके अलावा Adani Enterprises और Hindalco Industries में भी करीब 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी तरफ Kotak Mahindra Bank करीब 1.9 फीसदी की बढ़त के साथ प्रमुख लाभ वाले शेयरों में रहा। Bharti Airtel और BSE में भी मजबूती दिखाई दी।
बैंकिंग शेयरों में मिला-जुला कारोबार
रेपो रेट बढ़ने के बावजूद बैंकिंग शेयरों में पूरी तरह बिकवाली नहीं दिखी। कुछ बैंकिंग शेयरों में मजबूती रही।
इसकी वजह यह भी मानी जा रही है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बैंकों के lending margins को कुछ फायदा मिल सकता है। हालांकि लंबे समय में कर्ज की मांग और asset quality पर असर भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
## विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बनी चिंता
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को भारतीय शेयरों में करीब ₹2,961.30 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की थी।
दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब ₹5,088.92 करोड़ की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।
RBI ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया
रेपो रेट बढ़ाने के साथ RBI ने आर्थिक विकास को लेकर अपना अनुमान भी सुधारा है।
केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP growth forecast को 6.7 फीसदी से बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है।
हालांकि दूसरी तरफ FY27 के लिए inflation forecast को भी 5 फीसदी से बढ़ाकर 5.2 फीसदी किया गया है।
यानी RBI के सामने आर्थिक विकास को बनाए रखने के साथ महंगाई को नियंत्रित करने की चुनौती भी बनी हुई है।
आगे बाजार की दिशा किन चीजों पर निर्भर करेगी?
आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण संकेतकों से तय हो सकती है। इनमें RBI की आगे की नीति, महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख हैं।
इसके अलावा वैश्विक बाजारों और अमेरिका की ब्याज दरों से जुड़े संकेत भी भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
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निवेशकों के लिए क्या संकेत?
रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद बाजार में volatility बढ़ सकती है। हालांकि सिर्फ एक दिन की गिरावट को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
निवेशकों को अपनी risk capacity, investment horizon और संबंधित कंपनियों के fundamentals को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए। बाजार में आगे तेजी या गिरावट की निश्चित भविष्यवाणी करना संभव नहीं है।
Author: Suryodaya Samachar
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