उन्नाव:- उन्नाव में एक बार के अंदर पिस्टल लहराकर दहशत फैलाने के मामले ने तूल पकड़ लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक नरेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया। हालांकि, जांच के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने सभी को चौंका दिया।
पुलिस की जांच में पाया गया कि जिस हथियार को पिस्टल समझा जा रहा था, वह असल में एक लाइटर पिस्टल था। घटना का वीडियो करीब 10 दिन पुराना बताया जा रहा है, जो उन्नाव की सदर कोतवाली क्षेत्र के क्लासिक बार का है। इस मामले में पुलिस ने लाइटर पिस्टल के संबंध में जानकारी जुटाने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की है।
आरोपी का राजनीतिक संबंध
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नरेंद्र सिंह का भाई ब्लॉक प्रमुख है, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए ही कार्रवाई की गई है और जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
पुलिस का बयान और कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो की गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि बार में लहराई गई वस्तु असली पिस्टल नहीं थी, बल्कि एक लाइटर पिस्टल थी, जो देखने में असली हथियार जैसी लगती है। बावजूद इसके, ऐसी हरकतें कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं, इसलिए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक गलतफहमी का मामला मान रहे हैं। हालांकि, पुलिस की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति कुछ हद तक साफ हो गई है।
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उन्नाव के इस मामले ने एक बार फिर दिखाया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही घटनाओं की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आती है। पुलिस ने सही समय पर जांच कर इस घटना की सच्चाई उजागर कर दी, जिससे संभावित तनाव टल गया। बावजूद इसके, इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्कता बनाए रखनी होगी, ताकि कोई भी व्यक्ति दहशत फैलाने की कोशिश न कर सके।

Author: Suryodaya Samachar
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