Operation muskan in MP :- मोरवा पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता, सतर्कता और तेज़ कार्रवाई का उदाहरण पेश किया है। घर से अचानक लापता हुई 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को महज 24 घंटे के भीतर खोजकर सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया। यह सराहनीय कार्य पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य लापता और अपहृत बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढ निकालना है।
यह पूरा मामला ग्राम गौरहवा का है, जहां मंगलवार दिनांक 08 अप्रैल 2025 को एक व्यक्ति ने मोरवा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर से बिना बताए कहीं चली गई है। बच्ची की उम्र और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मोरवा पुलिस ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल मामला दर्ज किया। थाना मोरवा में अपराध क्रमांक 206/25 धारा 137(2) BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
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पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक रंजन और एसडीओपी के.के. पांडेय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक यू.पी. सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न संभावित ठिकानों की जांच की और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। तकनीकी संसाधनों और मानव स्रोतों की मदद से आखिरकार बालिका को उसके दूर के रिश्तेदार के घर से खोज निकाला गया।
पुलिस ने बालिका की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए परिजनों को सूचित किया और औपचारिक प्रक्रिया के बाद बच्ची को सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने मोरवा पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पुलिस का सहयोग उनके लिए बहुत बड़ी राहत साबित हुआ।
इस सराहनीय कार्य में सहायक उपनिरीक्षक अरुण सिंह और प्रधान आरक्षक सुबोध सिंह की भूमिका उल्लेखनीय रही। दोनों ने पूरे समर्पण के साथ इस चुनौतीपूर्ण कार्य में सक्रिय योगदान दिया।
ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत यह सफलता मोरवा पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं की परिचायक है। यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यदि पुलिस तंत्र संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती।
मोरवा पुलिस की इस तत्परता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे समाज के सबसे नाजुक वर्ग — बच्चों — की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस मिशन की सफलता से न केवल एक परिवार को राहत मिली, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास भी और अधिक मज़बूत हुआ है।
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Author: Suryodaya Samachar
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