Mohammad shami got death threats :- भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को जान से मारने की धमकी मिलने की खबर ने खेल जगत और उनके प्रशंसकों के बीच चिंता की लहर पैदा कर दी है। यह धमकी उन्हें दो अलग-अलग ईमेल के माध्यम से भेजी गई है, जिसमें धमकी देने वाले ने खुद को “राजपूत सिंधर” के नाम से पहचाना है। पहली ईमेल 4 मई की रात को भेजी गई, जबकि दूसरी मेल 5 मई की सुबह मिली, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बना देती है।
धमकी में स्पष्ट रूप से एक करोड़ रुपये की मांग की गई है और चेतावनी दी गई है कि यदि यह रकम नहीं दी गई, तो मोहम्मद शमी को मारकर उनके शव को बैग में भर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, धमकी देने वाले ने यह भी लिखा कि “सरकार हमारा कुछ नहीं कर पाएगी।” इस तरह के बयान न सिर्फ एक खिलाड़ी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि देश की कानून व्यवस्था पर भी सीधा आघात करते हैं।
मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट का एक अहम हिस्सा हैं। उन्होंने देश के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए हैं और विश्व मंच पर भारत का मान बढ़ाया है। ऐसे में उन्हें इस तरह की धमकी मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारत में भावनाओं और उम्मीदों का प्रतीक है। इस खेल से जुड़े खिलाड़ियों की सुरक्षा देश की प्रतिष्ठा से जुड़ी होती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शमी ने इस धमकी की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी है। साइबर क्राइम सेल और स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी जांच के जरिये यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से भेजे गए और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
कई पूर्व क्रिकेटरों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शमी के प्रति समर्थन जताया है और दोषियों को जल्द पकड़ने की मांग की है। बीसीसीआई और केंद्र सरकार की ओर से भी शमी की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
यह घटना बताती है कि साइबर अपराध अब केवल वित्तीय धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका उपयोग मानसिक उत्पीड़न और डर फैलाने के लिए भी किया जा रहा है। ऐसे में सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ कड़े कानूनों का सहारा लेना होगा ताकि खिलाड़ियों को ऐसी मानसिक यातनाओं से बचाया जा सके।
भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में किसी भी नागरिक, विशेषकर राष्ट्रीय खिलाड़ी को इस तरह धमकी मिलना निंदनीय है और इसके खिलाफ कठोर कार्रवाई समय की आवश्यकता है।
Author: Suryodaya Samachar
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