Mirzapur News :- लगातार रात से हो रही घनघोर बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी वर्षा के चलते अहरौरा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से बांध के छह फाटक खोल दिए गए हैं।
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ का खतरा और गहराने लगा है। जो गांव पहले की बाढ़ से किसी तरह राहत पाए थे, वे अब दोबारा जलमग्न हो गए हैं। आसपास के कई गांवों में पानी भर जाने से आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कहीं रास्ते बह जाने से आवाजाही ठप हो गई है, तो कहीं कच्चे मकानों में रह रहे लोगों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। कई गांवों का आपसी संपर्क टूट गया है। तेज बारिश के कारण कच्चे ही नहीं, बल्कि पक्के मकानों में भी पानी रिसने की समस्या उत्पन्न हो गई है।
सब्जी की खेती करने वाले किसान, जो पिछली बाढ़ से किसी तरह अपनी फसल बचाने की जुगत में थे, अब दोबारा इस बारिश और जलभराव से परेशान हो गए हैं। इससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट मंडराने लगा है।
इस बीच, अहरौरा बांध पर अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग और जूनियर इंजीनियर लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है – एक ओर बाढ़ प्रभावित गांवों को बचाना और दूसरी ओर बांध को ओवरफ्लो से सुरक्षित रखना।
इधर, बांध की गंभीर स्थिति को देखते हुए किसान यूनियन, राजनीतिक प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा भी बांध परिसर में बना हुआ है। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटा हुआ है।
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Author: Suryodaya Samachar
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