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Mirzapur Mining Scam :- मिर्जापुर खनन घोटाला इलाहाबाद परमिट का खेल, सोनभद्र के व्यवसायी सहित 4 पर मुकदमा

Mirzapur Mining Scam :- मिर्जापुर जिले में खनन के नाम पर बड़े पैमाने पर घोटालेबाजी का मामला सामने आया है। सोनभद्र निवासी खनन व्यवसायी रमाशंकर दूबे सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि मिर्जापुर की खदान से निकली गिट्टी को बेचने के लिए इलाहाबाद का परमिट लगाया जा रहा था, जिससे सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंचाई गई।

कैसे हुआ खुलासा

शनिवार को जिला खान अधिकारी जितेंद्र सिंह खनिज पदार्थ लदे वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान अहरौरा थाना क्षेत्र के सोनपुर में गिट्टी लदे एक वाहन को रोका गया। पुलिस को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि वाहन स्थानीय बसंत क्रशर प्लांट (सोनपुर, मिर्जापुर) से लोड हुआ था, लेकिन उसमें परमिट इलाहाबाद के मेजा तहसील अंतर्गत भटौती गांव स्थित खदान का लगा था।

उस खदान का लीज होल्डर सोनभद्र निवासी रमाशंकर दूबे है। यह खुलासा आरोपी मुमताज खान ने पूछताछ में किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कृत्य आपराधिक श्रेणी में आता है और लंबे समय से जिले में गैर जनपदों के परमिट का दुरुपयोग कर करोड़ों का घोटाला किया जा रहा है।

दोहरा खेल: सरकार को भारी चूना

जानकारी के मुताबिक, क्रशर संचालक मिर्जापुर की खदान से बोल्डर खरीदते थे, लेकिन गिट्टी बेचने के लिए इलाहाबाद का परमिट लगाते थे। इससे दोहरा लाभ उठाया जा रहा था—

इलाहाबाद में कम रॉयल्टी पर परमिट जारी कराया गया।

मिर्जापुर में ऊँची रॉयल्टी दर के बावजूद उसका बाईपास कर गड़बड़ी की गई।


इस खेल में इलाहाबाद के लीज होल्डर और मिर्जापुर के क्रशर संचालक दोनों मालामाल हो रहे थे, जबकि सरकार को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा।

किसके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

खनन अधिकारी की तहरीर पर अहरौरा थाने में निम्न आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है—

रमाशंकर दूबे (लीज होल्डर), निवासी कम्हारी, थाना रावर्टसगंज, सोनभद्र

सभाजीत (वाहन चालक)

शाकिर खान (वाहन स्वामी)

मुमताज खान (अहरौरा निवासी)

इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2) एवं प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 की धारा 3 के तहत मुकदमा कायम किया गया है।

जांच और आगे की कार्रवाई

जिला प्रशासन का कहना है कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है। खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से यह घोटाला उजागर हुआ है। अब यह देखना होगा कि दोषियों पर आगे क्या सख्त कार्रवाई होती है।

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Author: Suryodaya Samachar

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