Lakheempur kheeri :- थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम पचपेड़वा में एक गरीब परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित होकर जीवन यापन करने को मजबूर है। परिवार के मुखिया रामनिवास शुक्ला ने बताया कि बीते दस वर्षों से ग्राम पंचायत में प्रधान का कार्यकाल चल रहा है, लेकिन इस दौरान उन्हें न तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला और न ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय की सुविधा।
परिवार की स्थिति इतनी दयनीय है कि उनके घर की छत टूटी-फटी टीन से बनी हुई है। बरसात के मौसम में टीन की छत से पानी टपकता है, जिससे घर के अंदर जलभराव हो जाता है और बच्चों तथा परिवार की महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सबसे बड़ी समस्या शौचालय की है। परिवार में छोटे बच्चे और जवान बेटियां हैं, लेकिन शौचालय न होने के कारण उन्हें आज भी खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। यह न सिर्फ असुविधा बल्कि सुरक्षा और सम्मान का भी गंभीर मुद्दा है।
रामनिवास ने बताया कि उनका नरेगा कार्ड भी पहले बना हुआ था, लेकिन बाद में पता चला कि उनका नाम सूची से काट दिया गया है। जब उन्होंने इसकी जानकारी प्राप्त करनी चाही तो बताया गया कि कार्ड खो गया है। लगातार गुहार लगाने के बावजूद ग्राम प्रधान और प्रशासन ने उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुँच रहा है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या सरकार की कल्याणकारी योजनाएँ वास्तव में अपने उद्देश्य को पूरा कर पा रही हैं या नहीं।
Author: Suryodaya Samachar
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