Keralam :- यूनियन कैबिनेट की मंजूरी, संवैधानिक प्रक्रिया के बाद ही होगा आधिकारिक बदलाव
केंद्र सरकार ने केरल विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें राज्य का नाम “Kerala” से बदलकर उसके मलयालम नाम “Keralam” करने की मांग की गई थी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई यूनियन कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई, जिससे अब नाम परिवर्तन की संवैधानिक प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
क्या है आगे की प्रक्रिया?
संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत किसी भी राज्य का नाम बदलने के लिए संसद को कानून पारित करना होता है।
सबसे पहले राष्ट्रपति, केरल (Alteration of Name) Bill, 2026 को Kerala Legislative Assembly के पास उसकी राय के लिए भेजेंगे।
विधानसभा की राय मिलने के बाद राष्ट्रपति की सिफारिश पर यह विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।
संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही “Kerala” आधिकारिक रूप से “Keralam” बन जाएगा।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस बिल पर विचार के लिए वर्तमान विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा या अगली विधानसभा को यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
क्यों बदलना चाहती है राज्य सरकार नाम?
राज्य सरकार का तर्क है कि “Kerala” अंग्रेज़ी रूप है, जबकि “Keralam” राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है।
विधानसभा ने दो वर्ष पहले सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र से संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन की मांग की थी।
यह मांग लंबे समय से चली आ रही है और 1 नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के बाद से ही “United Kerala” की अवधारणा पर बल दिया जाता रहा है।
राजनीतिक संदर्भ भी अहम
चुनाव से कुछ सप्ताह पहले इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan की सरकार लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रही थी।
केंद्र में गृह मंत्री Amit Shah की मंजूरी के बाद विधिक विभागों ने भी प्रस्ताव पर सहमति जता दी।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में कैबिनेट ने अंतिम स्वीकृति दी।
दो सप्ताह पहले केरल बीजेपी इकाई ने भी इस कदम का समर्थन किया था।
पहले भी बदले गए हैं राज्यों के नाम
भारत में पहले भी कई राज्यों के नाम बदले जा चुके हैं, जैसे:
उड़ीसा से ओडिशा
मद्रास स्टेट से तमिलनाडु
मैसूर स्टेट से कर्नाटक
यूनाइटेड प्रोविंसेस से उत्तर प्रदेश
हालांकि West Bengal विधानसभा द्वारा “Bengla” नाम रखने का प्रस्ताव अभी तक केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
अगर यह संशोधन संसद से पारित हो जाता है, तो सरकारी दस्तावेजों, आधिकारिक संचार और संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम “Keralam” दर्ज होगा। हालांकि प्रशासनिक ढांचे या सीमाओं में कोई बदलाव नहीं होगा—सिर्फ नाम में संशोधन होगा।
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Author: Suryodaya Samachar
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