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पत्रकार सुरक्षा कानून :- पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए पत्रकार संगठनों ने योगी-मोदी सरकार से रखीं 11 प्रमुख मांगें

पत्रकार सुरक्षा कानून :- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों की भूमिका जहां समाज और सत्ता के बीच सेतु जैसी होती है, वहीं वर्तमान समय में पत्रकारों को अनेक प्रकार की चुनौतियों, खतरों और उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। इस चिंता को देखते हुए पत्रकार संगठन/समिति द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्रकारों के हित में 11 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनका उद्देश्य पत्रकारों की सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और गरिमा को मजबूती देना है।

🔴 प्रस्तावित प्रमुख मांगें:

1. पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए

पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और उत्पीड़न को रोकने हेतु एक सख्त “पत्रकार सुरक्षा कानून” लागू किया जाए, जिसमें पुलिस सुरक्षा, फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान हो।

2. वरिष्ठ और ग्रामीण पत्रकारों के लिए पेंशन योजना

20 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले या 60 वर्ष से ऊपर के पत्रकारों को ₹15,000 मासिक पेंशन प्रदान की जाए, जिससे उनका बुढ़ापा सुरक्षित हो सके।

3. ₹10 लाख तक की स्वास्थ्य बीमा योजना

पत्रकारों और उनके परिवार के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए ताकि आपात स्थिति में उन्हें राहत मिल सके।

4. पत्रकार कॉलोनियों का निर्माण

हर जिले में पत्रकारों के लिए रियायती दर पर मकान या प्लॉट प्रदान करने हेतु आवासीय कॉलोनियों का निर्माण किया जाए।

5. गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी समान अधिकार

मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह ही गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी सरकारी योजनाओं और पहचान का लाभ दिया जाए।

6. पत्रकार आपदा राहत कोष की स्थापना

दुर्घटना, बीमारी या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में पत्रकारों और उनके परिजनों की आर्थिक सहायता हेतु एक आपातकालीन कोष बनाया जाए।

7. पत्रकारों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु पत्रकारों के बच्चों को विशेष छात्रवृत्ति योजना दी जाए।

8. फर्जी मुकदमों से संरक्षण

पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र मीडिया ट्रिब्यूनल का गठन हो और निर्दोष पत्रकारों को सुरक्षा दी जाए।

9. स्थायी पत्रकार कल्याण बोर्ड का गठन

राज्य और केंद्र स्तर पर स्थायी पत्रकार कल्याण बोर्ड बनाया जाए जिसमें पत्रकार प्रतिनिधियों को भी स्थान दिया जाए।

10. मुफ्त या रियायती यात्रा सुविधा

सरकारी कार्यों, रिपोर्टिंग या कवरेज के लिए पत्रकारों को रेलवे और बसों में मुफ्त या रियायती यात्रा सुविधा दी जाए।

11. राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल प्रेस कार्ड

हर पत्रकार को डिजिटल प्रेस कार्ड जारी किया जाए जो पूरे देश में मान्य हो। इससे फर्जी पत्रकारों की पहचान रोकी जा सकेगी।

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🔻 समिति का स्पष्ट संदेश:

समिति का उद्देश्य केवल पत्रकारों के हक की लड़ाई लड़ना नहीं, बल्कि सरकार और मीडिया जगत के बीच सेतु बनकर नीतिगत बदलावों को स्थापित करना है। जब तक पत्रकार सुरक्षित और सम्मानित नहीं होंगे, तब तक लोकतंत्र की नींव मजबूत नहीं हो सकती।

✍️ समाप्ति संदेश:

“यदि पत्रकार मजबूत होंगे, तो राष्ट्र की चेतना और जनमत भी जागरूक और सुरक्षित रहेगा।”
सरकारों से अपेक्षा की जाती है कि इन मांगों पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार कर पत्रकार समाज के लिए एक समर्पित, व्यापक और न्यायपूर्ण नीति लागू की जाए।

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Author: Suryodaya Samachar

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