IPS Ankita Sharma : छत्तीसगढ़ कैडर की आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन के दौरान AK-47 राइफल से फायरिंग करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। राजनांदगांव पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में वह पारंपरिक साड़ी पहने नजर आईं। शस्त्र पूजन के बाद उनकी फायरिंग के वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।
अंकिता शर्मा को उनकी सख्त पुलिसिंग और कार्यशैली के कारण लेडी सिंघम के नाम से भी जाना जाता है। उनकी पहचान केवल एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं है बल्कि उनकी सफलता की कहानी भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। आइए जानते हैं उनके जीवन और पुलिस सेवा के सफर के बारे में।
IPS Ankita Sharma : कौन हैं आईपीएस अंकिता शर्मा?
अंकिता शर्मा का जन्म 25 जून 1990 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई छत्तीसगढ़ में पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और एमबीए की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया और संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

अंकिता शर्मा ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की। शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और आखिरकार अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।
IPS Ankita Sharma : तीसरे प्रयास में हासिल की 203वीं रैंक
यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता है। इसके लिए लगातार अध्ययन और बेहतर रणनीति की जरूरत होती है। अंकिता शर्मा को भी अपने शुरुआती प्रयासों में निराशा का सामना करना पड़ा था।
पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो सकीं। दूसरे प्रयास में भी उन्हें सफलता नहीं मिली। हालांकि उन्होंने इन असफलताओं को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी तैयारी में सुधार किया और तीसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की।
वर्ष 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 203 हासिल की। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि लगातार प्रयास और आत्मविश्वास के साथ कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
IPS Ankita Sharma : पुलिस सेवा में कैसा रहा उनका सफर?
आईपीएस बनने के बाद अंकिता शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाई।

वह रायपुर के आजाद चौक क्षेत्र में नगर पुलिस अधीक्षक के रूप में भी काम कर चुकी हैं। इसके बाद मई 2022 में उन्हें खैरागढ़ का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया। उन्हें खैरागढ़ जिले की पहली महिला एसपी के रूप में भी पहचान मिली।
अंकिता शर्मा ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी पुलिसिंग से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनकी कार्यशैली और पुलिस अभियानों में भूमिका के कारण उन्हें काफी पहचान मिली।
IPS Ankita Sharma : दशहरे पर शस्त्र पूजन के दौरान क्यों हुई चर्चा?
विजयादशमी के अवसर पर देश के कई हिस्सों में शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई जाती है। पुलिस और सुरक्षा बलों में भी इस दिन हथियारों और विभागीय वाहनों की पूजा की जाती है।
इसी परंपरा के तहत छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईपीएस अंकिता शर्मा भी शामिल हुईं। उन्होंने पारंपरिक साड़ी पहनकर पूजा में हिस्सा लिया। पूजा के बाद AK-47 से फायरिंग करते हुए उनका वीडियो सामने आया।
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मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने इस दौरान हवा में कई राउंड फायर किए। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने उनके आत्मविश्वास की प्रशंसा की तो कुछ ने सार्वजनिक सुरक्षा और हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े सवाल उठाए।
IPS Ankita Sharma : शस्त्र पूजन का क्या है महत्व?
विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। भारतीय परंपरा में इस दिन शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। ऐतिहासिक रूप से योद्धा और सैनिक अपने अस्त्र-शस्त्रों की पूजा करते रहे हैं।
पुलिस विभाग में शस्त्र पूजन को अपने कर्तव्यों और सुरक्षा की जिम्मेदारी से भी जोड़कर देखा जाता है। हालांकि किसी भी तरह की फायरिंग के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।
IPS Ankita Sharma : युवाओं के लिए प्रेरणा है उनकी सफलता की कहानी
अंकिता शर्मा की सफलता की कहानी उन युवाओं को प्रेरित करती है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में शुरुआती असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा।
उनका सफर बताता है कि सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं बल्कि धैर्य और निरंतर प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं। आज उनकी पहचान एक ऐसी पुलिस अधिकारी के रूप में है जिन्होंने कठिन चुनौतियों के बावजूद अपने करियर में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया।
निष्कर्ष: आईपीएस अंकिता शर्मा दशहरे पर शस्त्र पूजन के दौरान AK-47 से फायरिंग के वीडियो के कारण चर्चा में हैं। लेकिन उनकी पहचान केवल इस वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। यूपीएससी में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल करने से लेकर पुलिस सेवा में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने तक उनका सफर मेहनत और दृढ़ संकल्प की कहानी पेश करता है।
Author: Suryodaya Samachar
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