वाराणसी, 31 अगस्त 2025। समाज सेवा और मानवता की भावना जब एक साथ कदम बढ़ाती है, तो परिणाम कुछ ऐसा होता है, जो न केवल जरूरतमंदों को राहत देता है बल्कि पूरे समाज को प्रेरणा भी प्रदान करता है। इसी सोच को साकार करते हुए रोटरी क्लब शिवाय और आर जे शंकरा हॉस्पिटल ने संयुक्त रूप से श्री काशीराम आवास, वाराणसी में निःशुल्क नेत्र शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर का उद्देश्य था उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना, जिनके लिए नेत्र जांच और उपचार आर्थिक तंगी के कारण कठिन हो जाता है।
शिविर की विशेषताएँ
इस परोपकारी शिविर में 132 मरीजों की निःशुल्क जांच की गई। नेत्र विशेषज्ञों की टीम ने मरीजों के आंखों की सामान्य जांच के साथ-साथ मोतियाबिंद की पहचान पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। जांच के बाद यह पाया गया कि 25 मरीजों को मोतियाबिंद की समस्या है। इन सभी का निःशुल्क ऑपरेशन आर जे शंकरा हॉस्पिटल और रोटरी क्लब शिवाय की ओर से कराया गया। यह पहल न केवल मरीजों की जिंदगी में उजाला लाने का कार्य कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बना रही है।
कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
शिविर के सफल आयोजन में कई समाजसेवी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि अंबरीश सिंह भोला और पी डी जी संजय अग्रवाल की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। इसके अलावा रोटरी क्लब शिवाय के अध्यक्ष जयराम त्रिपाठी, सचिव मनीष पाठक, तथा सदस्यगण आशुतोष सिंह, धीरज सिंह, अंकित तिवारी, राघवेंद्र सिंह, राहुल सिंह, राघवेंद्र यादव और संतोष कपूर ने सक्रिय सहयोग देकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज सेवा का संदेश
रोटरी क्लब शिवाय ने इस आयोजन के माध्यम से यह साबित किया कि समाज सेवा केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में भी इसकी आवश्यकता है। विशेष रूप से नेत्र स्वास्थ्य एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। आंखें जीवन का सबसे बड़ा खजाना हैं और जब दृष्टि कमजोर हो जाती है, तो इंसान का आत्मविश्वास भी डगमगाने लगता है। ऐसे में इस प्रकार के शिविर जरूरतमंद नागरिकों के लिए जीवन बदलने वाली पहल साबित होते हैं।
मरीजों की प्रतिक्रियाएँ
शिविर में पहुंचे मरीजों ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कई बुजुर्ग मरीजों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से धुंधला दिखाई देता था, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से वे ऑपरेशन नहीं करा पा रहे थे। अब निःशुल्क ऑपरेशन से उन्हें आशा है कि वे फिर से साफ देख पाएंगे और अपना जीवन सामान्य रूप से जी पाएंगे।
प्रेरणादायी पहल
यह शिविर केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक सशक्त उदाहरण था। रोटरी क्लब शिवाय और आर जे शंकरा हॉस्पिटल ने यह दिखाया कि अगर संस्थाएँ और संगठन मिलकर काम करें, तो बड़ी से बड़ी समस्या का हल संभव है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना ही सच्ची समाज सेवा है।
वाराणसी में आयोजित यह निःशुल्क नेत्र शिविर न केवल मरीजों की आंखों में उजाला भरने का कार्य कर रहा है, बल्कि समाज में मानवता और सेवा की भावना को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। रोटरी क्लब शिवाय की यह पहल आने वाले समय में और भी लोगों को प्रेरित करेगी कि वे अपने स्तर से समाज सेवा के कार्यों में योगदान दें।
इस आयोजन की सफलता ने यह साबित किया कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और समाज हित का जज्बा दिल में हो, तो किसी भी नेक कार्य को सफल बनाना असंभव नहीं है। रोटरी क्लब शिवाय और आर जे शंकरा हॉस्पिटल का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर रहेगा।
Author: Suryodaya Samachar
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