Dollar vs Rupee :- बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत होकर 95.33 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण रुपये पर दबाव बना रहा।
कच्चे तेल की कीमतें बनी चिंता
वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 88.97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की महंगाई रुपये पर दबाव बढ़ा सकती है।
अमेरिकी CPI आंकड़ों पर रहेगी नजर
अब निवेशकों की निगाह अमेरिका के उपभोक्ता महंगाई (CPI) के आंकड़ों पर टिकी है। यदि महंगाई अनुमान से अधिक रहती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ सकती है। इससे डॉलर मजबूत हो सकता है और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है।
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बाजार के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपये की चाल पर कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, वैश्विक निवेशकों का रुख और आरबीआई की गतिविधियां अहम भूमिका निभाएंगी।
Author: Suryodaya Samachar
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