Cyber Fraud Alert :- साइबर ठगी से बचाव प्रो. पी.आर. गुप्ता डिजिटल अरेस्ट होने से बचे, बैंक स्टाफ और पुलिस की सतर्कता से बची डेढ़ करोड़ की रकम
वाराणसी में बीएचयू के सेवानिवृत्त हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर पी. आर. गुप्ता एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। यह घटना 22 मई 2025 को उस समय घटी जब किसी ठग ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर एचडीएफसी बैंक, लंका शाखा से अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर रकम बचत खाते में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।

प्रो. गुप्ता की घबराहट और असामान्य व्यवहार को देखकर बैंक कर्मियों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना थाना लंका के प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा को दी।
थाना लंका पुलिस की त्वरित कार्रवाई, एचडीएफसी बैंक स्टाफ की सतर्कता, और साइबर अपराध पर जागरूकता के चलते लगभग ₹1.5 करोड़ की धोखाधड़ी को टाल दिया गया।
👏 सम्मान और सराहना
इस कार्य के लिए एचडीएफसी बैंक कर्मियों —
🔹 प्रियतमा चौधरी
🔹 अलीशा जायसवाल
🔹 आकाश श्रीवास्तव
🔹 अभिषेक मिश्रा
🔹 ब्रांच मैनेजर विश्वनाथ पाठक
को उनके सहयोग और सतर्कता के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

साथ ही, एचडीएफसी जोन हेड मनीष टंडन ने भी अपने स्तर से सहयोग प्रदान किया और भविष्य में साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों पर जागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा गया है।
🚨 डिजिटल अरेस्ट क्या है?
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का एक नया रूप है, जिसमें ठग सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं कि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज है या गिरफ्तारी हो सकती है। ऐसे में वे पैसे ट्रांसफर करने को मजबूर करते हैं।
पुलिस और बैंक की सतर्कता से एक बड़ी ठगी को टाला गया और एक वरिष्ठ नागरिक की गाढ़ी कमाई बचाई जा सकी।
Author: Suryodaya Samachar
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