CJP Protest : CJP के 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन को AAP, TMC, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों का समर्थन मिला है। वहीं कांग्रेस ने इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी। जानें किन दलों और संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच Cockroach Janta Party (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन 10 अक्टूबर को चर्चा में है। इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी (सपा) और वामपंथी दलों का समर्थन मिला है। वहीं कांग्रेस ने इस प्रदर्शन में शामिल होने से दूरी बनाए रखी है।
CJP Protest:किन राजनीतिक दलों ने दिया CJP को समर्थन?
CJP ने चुनावी प्रक्रिया में सुधार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस आंदोलन को समर्थन देने वाले प्रमुख दल और संगठन हैं:
- आम आदमी पार्टी (AAP): पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रदर्शन में परिवार के साथ शामिल होने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।
- तृणमूल कांग्रेस (TMC): ममता बनर्जी ने आंदोलन को समर्थन देने की बात कही थी। हालांकि, पार्टी की ओर से प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर अंतिम निर्णय की स्थिति अलग से स्पष्ट होना जरूरी है।
- वामपंथी दल: CPI(M), CPI और उनसे जुड़े छात्र संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया है।
- समाजवादी पार्टी (सपा): पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आंदोलन के समर्थन में अपना रुख व्यक्त किया।
- छात्र संगठन: AISA, AISF और SFI भी CJP के साथ प्रदर्शन की तैयारी में शामिल रहे हैं।
CJP Protest: योगेंद्र यादव का नाम भी चर्चा में
राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव का नाम भी CJP आंदोलन को समर्थन देने वाले लोगों के संदर्भ में चर्चा में आया है। इससे पहले CJP के परीक्षा-सुधार आंदोलन के दौरान भी AAP से जुड़े और पूर्व में पार्टी से जुड़े रहे कई नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समर्थन जताया था। हालांकि, किसी व्यक्ति के पहले के समर्थन को 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में उसकी प्रत्यक्ष भागीदारी की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। citeturn554719search6
CJP Protest: कांग्रेस ने क्यों बनाई दूरी?
रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन में सीधे तौर पर शामिल होने से दूरी रखी। राहुल गांधी के 10 अक्टूबर को चेन्नई में छात्रों के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ में शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया।

ऐसे में चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों के बीच मुद्दे पर समान चिंताएं होने के बावजूद इस विशेष प्रदर्शन में उनकी भागीदारी एक जैसी नहीं रही। citeturn554719search0
CJP Protest: क्या है CJP की प्रमुख मांग?
CJP और उससे जुड़े छात्र संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा चुनावी व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
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विपक्षी समूहों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया और कानूनी व्यवस्था के तहत काम करने की बात कहता रहा है। आरोपों और आधिकारिक निष्कर्षों के बीच अंतर रखना जरूरी है।
CJP Protest: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर देशभर की नजर
10 अक्टूबर के प्रदर्शन में राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों की भागीदारी पर नजर है। यह आंदोलन चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर चल रही बहस का हिस्सा है।
Author: Suryodaya Samachar
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