Choti Diwali 2025 :- कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली छोटी दिवाली एक अत्यंत पावन तिथि मानी जाती है। यह दिन नरक चतुर्दशी, काली चौदस और रूप चौदस के नाम से भी विख्यात है। दीपावली का यह दूसरा दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन यम दीपदान, पितरों की शांति और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए दीप जलाया जाता है। साथ ही, इस तिथि को हनुमान जी की आराधना करने का अत्यधिक पुण्यफल माना गया है।
मान्यता के अनुसार, छोटी दिवाली के दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन के कष्ट, भय, विरोधी और बाधाएँ दूर होती हैं। अगर भक्त इस दिन विशेष प्रकार के दीपक अर्पित करते हैं, तो उनकी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

✅ छोटी दिवाली पर हनुमान जी को कौन-सा दीपक चढ़ाएं?
1. सरसों के तेल का दीपक
नरक चतुर्दशी की रात्रि हनुमान पूजा में सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। दीप जलाकर “ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्” मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और भय व बाधाएँ दूर होती हैं।
2. चौमुखी दीपक
छोटी दिवाली पर चौमुखी दीप जलाने की भी परंपरा है। इसे घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में रखा जाता है। यह दीपक देसी घी या सरसों के तेल से जलाना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि यह दीपक चारों दिशाओं से सुख-समृद्धि को आकर्षित करता है।
3. आटे का दीपक
इस दिन गेहूं के आटे से बना दीपक भी हनुमान जी को अर्पित किया जाता है। इसमें चमेली का तेल उपयोग करना श्रेष्ठ माना गया है। दीप जलाने के बाद इसे हनुमान मंदिर में रखकर आना चाहिए। यह उपाय शनि दोष और नकारात्मक ग्रहों की बाधा दूर करता है।
🪔 यम दीपदान का मुहूर्त – छोटी दिवाली 2025
छोटी दिवाली पर यम दीपक जलाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। यह दीप अकाल मृत्यु के भय से रक्षा करता है। इस वर्ष यम दीपदान का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है—
✅ संध्या 05:50 बजे से शाम 07:02 बजे तक
इस समय घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीप दक्षिण दिशा की ओर जलाकर यम देवता से प्रार्थना की जाती है कि परिवार पर किसी भी प्रकार की अनहोनी न आए।
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Author: Suryodaya Samachar
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