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सीडीओ का औचक निरीक्षण: पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय घोरावल में दिखी अनुशासन और गुणवत्ता की झलक

सीडीओ का औचक निरीक्षण:- [ब्यूरो चीफ रामेश्वर सोनी] जनपद सोनभद्र के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय, घोरावल में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने विद्यालय की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गुणवत्ता को रेखांकित किया। यह निरीक्षण न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से अहम रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर किस प्रकार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

कक्षा निरीक्षण और कॉपी मूल्यांकन से मिली स्पष्टता

निरीक्षण के दौरान CDO महोदया ने विद्यालय की कक्षा 1 से 8 तक की सभी कक्षाओं का भ्रमण किया और छात्रों की कॉपियों का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने छात्रों से पाठ्यपुस्तकें पढ़वाईं और उनसे सीधे प्रश्न पूछे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों की समझ और पढ़ाई में वास्तविक प्रगति हो रही है या नहीं।

उत्कृष्ट उपस्थिति और अनुशासन की सराहना

CDO ने यह जानकर संतोष व्यक्त किया कि विद्यालय में छात्र उपस्थिति 80% से अधिक थी। यह दर्शाता है कि विद्यालय में पढ़ाई के प्रति बच्चों और अभिभावकों दोनों की रुचि बनी हुई है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री विनोद कुमार (SRG, सोनभद्र) तथा अन्य शिक्षकों को विशेष धन्यवाद और बधाई दी।

अध्यापकों की कार्यशैली और बच्चों की गुणवत्ता पर सकारात्मक टिप्पणी

निरीक्षण के दौरान शिक्षकों के कार्य व्यवहार, बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता, और स्कूल के सामाजिक वातावरण से CDO महोदया अत्यंत प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार की लगन और समर्पण बना रहा, तो पीएम श्री विद्यालय की संकल्पना न केवल साकार होगी, बल्कि यह स्कूल पूरे जनपद के लिए एक प्रेरणा बनेगा।

शासन के निर्देशों पर सशक्त कार्यान्वयन

प्रधानमंत्री स्कूल योजना के तहत गठित PM SHRI विद्यालयों का उद्देश्य शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और संसाधनयुक्त वातावरण प्रदान करना है। घोरावल स्थित यह विद्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मुकुल आनंद पांडेय के कुशल नेतृत्व में इस उद्देश्य की पूर्ति की दिशा में तेजी से अग्रसर है। विद्यालय का कार्य संचालन पूरी तरह से शासन और सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है।

निष्कर्ष: एक अनुकरणीय पहल

इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया कि घोरावल का पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय शिक्षा की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है। बच्चों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों का समर्पण, और प्रशासनिक निगरानी एक साथ मिलकर एक मजबूत शैक्षणिक वातावरण बना रहे हैं।

ऐसी पहलें शिक्षा की जड़ों को मजबूत करने का कार्य करती हैं और समाज को यह संदेश देती हैं कि सरकारी विद्यालयों में भी गुणवत्ता और अनुशासन संभव है — बस जरूरत है सही नेतृत्व, निरंतर निगरानी और शिक्षकों के उत्साह की।

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

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