Baba Siddiqui murdered :- महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और दिग्गज नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने सनसनी मचा दी है। इस बीच मुंबई पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई इस हत्या में शामिल है। अहम बात यह है कि बाबा सिद्दीकी को 15 दिन पहले जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा को बढ़ाकर वाई कैटेगरी का कर दिया गया था, इसके बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके बाबा सिद्दीकी की बांद्रा ईस्ट में उस समय दुखद हत्या कर दी गई, जब वह अपनी कार में बैठने वाले थे। उनपर तीन हमलावरों ने धावा बोला और गोलियां बरसानी शुरू कर दी। वाई-स्तर की श्रेणी की सुरक्षा होने के बावजूद, हमलावर उनतक पहुंचने में सफल रहे। हमलावरों ने बाबा को दो गोलियां उनके सीने में मारी और एक उनके पेट में दागी। जिसके बाद उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने खुलासा किया कि हमले के दौरान करीब छह से सात गोलियां चलाई गईं।
मुंबई पुलिस ने बताया कि जीशान सिद्दीकी अपने पिता के शव का पोस्टमार्टम करने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जबतक इस हत्या के पीछे का मकसद नहीं पता चल जाता है, वह पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगे।
मुंबई के अधिकारी, जो सिद्दीकी की हत्या की सक्रियता से जांच कर रहे हैं, उन्होंने जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की संलिप्तता की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है।
दो संदिग्ध गिरफ्तार
अपराध से जुड़े दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से एक हरियाणा और दूसरा उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। हालांकि तीसरा साथी अभी भी फरार है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है। शरद पवार ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की है। गौर करने वाली बात है कि नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुई इस हत्या ने राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल को और बढ़ा दिया है।
3 बार के विधायक, पूर्व मंत्री
बता दें कि सिद्दीकी, 1999 से 2014 तक बांद्रा पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रहे थे और 2004 से 2008 के बीच कांग्रेस-एनसीपी सरकार में मंत्री थे। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस छोड़ अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी का हाथ थामा था।

Author: Suryodaya Samachar
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