इस्लामाबाद (पाकिस्तान):- पाकिस्तान में आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव के लिये जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का नामांकन पत्र भ्रष्टाचार के एक मामले में ”नैतिक अधमता” के अपराध में दोषी ठहराए जाने और अन्य कारणों से खारिज कर दिया गया। नैतिक अधमता (नैतिक रूप से भ्रष्ट आचरण) का आशय ऐसे कृत्य से है जिससे समुदाय की भावना या स्वीकृत व्यवस्था का गंभीर उल्लंघन होता है।
शनिवार को कई लोगों के नामांकन पत्र हुए थे खारिज
पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने शनिवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के 71 वर्षीय संस्थापक और उनके कई वरिष्ठ सहयोगियों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए।आठ पन्नों के विस्तृत फैसले में लाहौर की नेशनल असेंबली की सीट (एनए- 122) के निर्वाचन अधिकारी (आरओ) ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (इस्लामाबाद) के फैसले का हवाला दिया, जिसमें खान को ‘नैतिक अधमता’ का दोषी ठहराया गया है।
तोसाखाना मामले में इमरान खान पाए गए दोषी
तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में खान को दोषी ठहराए जाने के मुख्य कारण के अलावा, उनके नामांकन पत्र के खिलाफ आपत्तियां उठाई गईं क्योंकि पीटीआई के संस्थापक के प्रस्तावक और अनुमोदक संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से नहीं थे।
हालांकि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने खान की सजा को निलंबित कर दिया है, लेकिन तोशाखाना मामले में नेशनल असेंबली के लिए उनकी पांच साल की अयोग्यता अब भी बरकरार है ।
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Author: Suryodaya Samachar
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