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Abhijeet Dipke :- सुप्रीम कोर्ट भी दोषी है, अभिजीत दीपके की दो टूक; SIR को लेकर अदालत पर उठाए सवाल, जानें किस बयान से नाराज

Abhijeet Dipke  :-  SIR विवाद के बीच CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। जानिए किस मामले और किस जजों की पीठ से जुड़े बयान के संदर्भ में उन्होंने अदालत की आलोचना की।

SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि SIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट भी जिम्मेदारी से अलग नहीं है। उनके ये बयान अदालत में दाखिल याचिकाओं और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से जुड़े मामलों के संदर्भ में आए हैं।

किस सवाल पर भड़के अभिजीत दीपके? Abhijeet Dipke

रिपोर्ट के मुताबिक, दीपके से पूछा गया था कि जब SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से संबंधित याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, तो अदालत के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया जा रहा है।

इस पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने रुख का हवाला देते हुए अदालत पर ही सवाल खड़े किए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से जुड़े मामलों का उल्लेख किया और कहा कि SIR के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

किस जज की टिप्पणी का किया जिक्र? Abhijeet Dipke

इस विवाद का एक संदर्भ अप्रैल 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट में पहुंची याचिकाओं से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव ड्यूटी में तैनात 65 कर्मचारियों ने मतदाता सूची में अपने नाम हटाए जाने को चुनौती दी थी।

उस समय मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई थी कि SIR प्रक्रिया के बाद उनके नाम मतदाता सूची में नहीं रहे और इससे वे मतदान नहीं कर पा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने उन्हें संबंधित ट्रिब्यूनल का रुख करने को कहा था।

पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर क्या है विवाद? Abhijeet Dipke

SIR के तहत मतदाता सूची के सत्यापन और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद चल रहा है। CJP की ओर से इस प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर आरोप लगाए गए हैं। वहीं, इन आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए; अदालत या निर्वाचन आयोग की ओर से इन सभी आरोपों को स्वीकार किए जाने की बात रिपोर्ट में नहीं है।

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शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का ऐलान Abhijeet Dipke

अभिजीत दीपके ने मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, CJP ने शुक्रवार शाम 4 बजे से जेल भरो आंदोलन की बात कही है। प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच स्थिति भी चर्चा में रही है।

Abhijeet Dipke पहले भी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं दीपके

अभिजीत दीपके इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दे चुके हैं। एक अन्य मामले में उन्होंने TMC सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट की उस टिप्पणी की आलोचना की थी, जिसमें अदालत ने पुलिस पूछताछ से बचने के लिए अंडे फेंके जाने के डर का हवाला देने पर टिप्पणी की थी।

CJP की शुरुआत भी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद हुई थी Abhijeet Dipke

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, CJP की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक मंच के रूप में हुई थी। यह घटनाक्रम मई 2026 में CJI सूर्यकांत की अदालत में की गई एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। उस टिप्पणी में कुछ युवाओं और पेशेवरों की तुलना ‘cockroaches’ से किए जाने को लेकर विवाद हुआ था। बाद में CJI ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी युवाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री के सहारे पेशे में आए लोगों के संदर्भ में थी।

 

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Author: Suryodaya Samachar

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