Ganesh Chaturthi 2026 अगर गणपति स्थापना का सुबह वाला मुख्य मुहूर्त निकल गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। 14 सितंबर 2026 को गणपति बप्पा की स्थापना के लिए दोपहर के बाद भी तीन शुभ चौघड़िया मुहूर्त बताए गए हैं।
11 बजे के बाद कब कर सकते हैं गणपति स्थापना? Ganesh Chaturthi 2026
पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन मध्याह्न काल में गणपति स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। दिल्ली के अनुसार इस दिन मुख्य पूजा का समय सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक बताया गया है। हालांकि शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
अगर किसी कारण से इस अवधि में स्थापना नहीं हो पाई, तो दिन में मिलने वाले चर, लाभ और अमृत चौघड़िया में भी बप्पा को घर लाकर स्थापित किया जा सकता है।
चर मुहूर्त
दोपहर 1:49 बजे से 3:22 बजे तक
यदि सुबह गणपति बप्पा की स्थापना नहीं हो पाई है, तो दोपहर के इस शुभ समय में घर पर भगवान गणेश की प्रतिमा लाकर विधि-विधान से स्थापना की जा सकती है।
लाभ मुहूर्त
दोपहर 3:22 बजे से शाम 4:55 बजे तक
इसके बाद लाभ चौघड़िया का समय रहेगा। इस अवधि को भी गणपति स्थापना के लिए शुभ माना जाता है। पूजा में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए चौकी, आसन और पूजन सामग्री पहले से तैयार रखना बेहतर रहेगा।
अमृत मुहूर्त
शाम 4:55 बजे से 6:28 बजे तक
तीसरा शुभ समय अमृत चौघड़िया है। यह समय शाम तक चलता है, इसलिए अगर दिन में किसी वजह से समय नहीं मिल पाया है तो इस अवधि में भी गणपति की स्थापना की जा सकती ।

गणपति स्थापना में रखें इन बातों का ध्यान Ganesh Chaturthi 2026
गणपति की प्रतिमा स्थापित करने से पहले पूजा स्थल को साफ करके चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। इसके बाद विधि-विधान से गणपति की स्थापना कर उन्हें जल, अक्षत, फूल, दूर्वा और मोदक अर्पित किए जाते हैं।
गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026 को मनाया जा रहा है और इस दिन से गणेश महोत्सव की शुरुआत होती है।
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नोट: पूजा के मुहूर्त शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार अंतिम समय जरूर देख लें।
Author: Suryodaya Samachar
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