सचिन पायलट :- पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। Campaign for Justice and Progress (CJP) के नेता सौरभ दास ने हाल ही में पंजाब के तीन स्कूलों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां सामने आने के बावजूद उनके रुख को अपेक्षाकृत नरम बताया गया। इसी को लेकर कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने सवाल उठाते हुए CJP की कार्यशैली पर निशाना साधा है।
तीन स्कूलों के निरीक्षण के बाद उठे सवाल
सौरभ दास ने पंजाब के तीन स्कूलों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रिपोर्ट के मुताबिक निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां भी सामने आईं, लेकिन इन कमियों को लेकर CJP की प्रतिक्रिया अन्य राज्यों में की गई कार्रवाई की तुलना में ज्यादा नरम रही।
यही अंतर अब राजनीतिक विवाद की वजह बन गया है।
सचिन पायलट ने पूछा- पंजाब में अलग रवैया क्यों?
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सवाल उठाया कि अगर CJP दूसरे राज्यों में स्कूलों की व्यवस्था को लेकर सख्त सवाल उठाती है, तो पंजाब में उसका रवैया अलग क्यों नजर आ रहा है।
पायलट ने इसे चयनात्मक रवैया और दोहरे मानदंड से जोड़ते हुए चुनौती दी कि पंजाब के स्कूलों की जांच भी उसी पैमाने और सख्ती से की जानी चाहिए, जिस तरह अन्य राज्यों में निरीक्षण किया जाता है।
CJP के बचाव में मनीष सिसोदिया : सचिन पायलट
विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली के नेता मनीष सिसोदिया CJP और सौरभ दास के समर्थन में सामने आए। उन्होंने सौरभ दास द्वारा किए गए स्कूल निरीक्षण का बचाव किया।
इससे मामला केवल स्कूलों की व्यवस्था तक सीमित न रहकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा भी बन गया है।
शिक्षा व्यवस्था बनी सियासी बहस का केंद्र
पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर पहले भी राजनीतिक दलों के बीच बहस होती रही है। अब CJP के स्कूल निरीक्षण और सचिन पायलट की टिप्पणी ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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एक तरफ CJP स्कूलों की जमीनी स्थिति देखने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस सवाल उठा रही है कि निरीक्षण और आलोचना के लिए सभी राज्यों में एक समान मानदंड क्यों नहीं अपनाए जाते।
आगे बढ़ सकता है विवाद
सचिन पायलट की चुनौती के बाद अब निगाह इस बात पर है कि CJP की ओर से इस आरोप का क्या जवाब दिया जाता है। यदि संगठन पंजाब के स्कूलों को लेकर आगे भी निरीक्षण करता है, तो उसके निष्कर्ष और उस पर होने वाली राजनीतिक प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस विवाद को और बढ़ा सकती है।
फिलहाल पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू हुई यह बहस राजनीतिक आरोपों और जवाबी बयानों के बीच पहुंच गई है।
Author: Suryodaya Samachar
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