Sawan 2026 :- भगवान शिव को समर्पित पावन सावन माह आज, 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो गया है। शिव भक्तों के लिए यह महीना विशेष महत्व रखता है। पूरे सावन में शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और सोमवार व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। देशभर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
सावन सोमवार व्रत की तिथियां
- पहला सोमवार – 3 अगस्त 2026
- दूसरा सोमवार – 10 अगस्त 2026
- तीसरा सोमवार – 17 अगस्त 2026
- चौथा सोमवार – 24 अगस्त 2026
जलाभिषेक का शुभ समय
प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर तक शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय अलग-अलग स्थानों पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।
पूजा विधि
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान शिव का जल, गंगाजल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, चंदन और अक्षत अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें तथा अंत में शिव आरती और प्रसाद वितरण करें।
क्या करें और क्या न करें
- सात्विक भोजन ग्रहण करें।
- क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें।
- शिवलिंग पर केतकी और तुलसी के पत्ते अर्पित न करें।
- श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत एवं पूजा करें।
धार्मिक मान्यता है कि सावन माह में सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Author: Suryodaya Samachar
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